शहडोल।

आज से 22 साल पहले 1997 में शहर के बलपुरवा में ईजीएस सरकारी स्कूल की शुरूआत की गई थी जो वर्तमान में शासकीय प्राथमिक स्कूल शिवम कॉलोनी के नाम से जाना जाता है यहां पर छात्र संख्या घटते घटते आज की स्थिति में 14 रह गई है। जब इस स्कूल की शुरूआत हुई थी तब यहां 54 बच्चे पढ़ते थे और इनको पढ़ाने के लिए एक शिक्षक की नियुक्ति की गई थी।

वर्तमान में वह शिक्षक यहां के हेडमास्टर हैं और इनके साथ दो सहायक अध्यापिकाएं भी यहां पदस्थ हैं लेकिन छात्र संख्या सिर्फ 14 बची है। इन शिक्षकों को सेलरी के नाम पर प्रतिमाह सवा लाख रूपया जारी होता है पर हालात बेहद खराब हैं।

यह है यहां की स्थितिः स्कूल के कक्षा एक में 2, कक्षा दो में 2, कक्षा तीन में 5, कक्षा चार में 3 और कक्षा पांच में 2 बच्चे रजिस्टर में दर्ज हैं। इस साल यहां तीन शिक्षकों ने तीन बच्चे भी कक्षा एक में भर्ती नहीं करा पाए जबकि इनकी भी जिम्मेदारी बनती है कि कम से कम पांच पांच बच्चों का एडमिशन यहां कराते। पिछले पांच साल से यहां छात्र संख्या लगातार घट रही है जबकि सेलरी पिछले पांच सालों में लगातार बढ़ी है।

कौन कबसे पढ़ा रहाः यहां के हेडमास्टर सुनील श्रीवास्तव 1997 से यहां पदस्थ हैं। इनका काम लेट आना और जल्दी जाना है। इनको चुनाव के वक्त 10 हजार रूपये बिजली फिटिंग और पंखे लगवाने को मिले थे पर आज तक पंखे नहीं लग पाए। शिक्षिका माया चौकसे अपने घर से टेबल फेन लाती हैं। इसी से शिक्षिका सुमनलता गौतम का भी काम चल जाता है। इन दोनों शिक्षिकाओं को यहां पर पढ़ाते हुए 10 साल से अधिक समय हो गया है। इसके बाद भी शिक्षा विभाग द्वारा इस अव्यवस्था को लेकर कोई खास कार्रवाई नहीं की गई।