शहडोल। स्कूल में पदस्थ महिला भृत्य को परेशान करने में मिडिल स्कूल चितरांव के प्रभारी प्राचार्य ने कोई कमी नहीं छोड़ रखी थी। प्रभारी प्राचार्य राजकुमार साकेत अपने संकुल केंद्र में पदस्थ शिक्षकों के ऊपर भी दबाव बनाता था कि कोई भी भृत्य का वेतन निकलवाने का प्रयास नहीं करेगा।

लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि झारा स्कूल में पदस्थ केपी मिश्रा पहले संकुल का कार्य देखते थे, संकुल केंद्र अंतर्गत आने वाले शिक्षकों का वेतन निकलवाने की प्रक्रिया का हिस्सा थे। आरोपित प्राचार्य राजकुमार साकेत द्वारा उक्त शिक्षक पर भी दबाव बनाया जाता था कि वे भृत्य गायत्री बैस का वेतन नहीं निकालेंगे। लोकायुक्त पुलिस ने बताया कि शिक्षक मिश्रा ने कई बार प्रभारी प्राचार्य से भृत्य की उपस्थिति जानकारी मांगी, लेकिन साकेत यह कहकर मना कर देता था कि वह नियमित नहीं आती इस कारण उसका वेतन और उपस्थिति बनाकर नहीं भेजी जा रही है। इसके साथ ही वह शिक्षक को यह भी धमकाता यदि भृत्य का वेतन बिना उनकी सहमति के निकाला जाएगा तो वह संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखेगा। रीवा लोकायुक्त पुलिस की यह कार्रवाई एसपी राजेंद्र वर्मा के निर्देशन में हुई जिसमें इंस्पेक्टर डोमन सिंह, प्रमेंद्र कुमार, प्रधान आरक्षक विपिन त्रिवेदी, आरक्षक अजय पांडेय, प्रेम सिंह, लवकेश पांडेय, धर्मेंद्र जायसवाल समेत 15 सदस्यीय दल शामिल रहा।

पांच माह से रुका हुआ था वेतनः बाणसागर के चचाई गांव में रहने वाली भृत्य गायत्री बैस पति उमाकांत बैस 40 ने बताया कि प्रभारी प्राचार्य राजकुमार बैस ने बिना किसी उपयुक्त कारण के 5 माह से वेतन रुकवा दिया था।

बार-बार मिन्नत के बाद उसने 20 हजार की रिश्वत की मांग की। भृत्य ने 2 किश्त में रिश्वत देने की बात कही जिसे स्वीकारते हुए प्रभारी प्राचार्य गुरुवार को पहली किश्त के तौर पर 10 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा था।

Posted By: Nai Dunia News Network