शहडोल(नईदुनिया प्रतिनिधि)।

जिले के अंदर चल रही आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण आहार की स्थिति ठीक नहीं है । जनवरी माह से गड़बड़ी चल रही है । हालत यह है कि मार्च के अंत में पोषण आहार शहडोल आया था इसके बाद से यह गायब है । अभी हाल में मई के अंतिम सप्ताह में कुछ जगहों पर इसे भेजा गया है लेकिन जयसिंहनगर गोहपारू और कुछ शहरी क्षेत्र में यह दो माह से नहीं पहुंचा है । बिना पोषण आहार के नौनिहाल मायूस होकर केंद्र से लौट जाते हैं । इसकी जिम्मेदारी महिला बाल विकास विभाग लेने को तैयार नहीं है । विभाग का कहना है कि पोषण आहार से हमारा कोई संबंध नहीं है यह रीवा से आता है और इसे बनाने वाली एजेंसी ही देरी करती है जिसके कारण यह समय पर नहीं पहुंचता है । जिले में 1599 आंगनबाड़ी केंद्र हैं और इनमें एक लाख से अधिक बच्चे दर्ज हैं ।

एमपी एग्रो की जगह आजीविका मिशनः जानकारी के मुताबिक पोषण आहार को बनाकर जिले की आंगनबाड़ी केंद्रों तक भेजने का काम पहले एमपी एग्रो संस्था को मिला था । इस समय यह काम आजीविका मिशन देख रहा है । इसमें कुछ और संस्थाओं को जोड़ा गया है लेकिन आजीविका मिशन के समूह पोषण आहार नहीं बना पा रहे हैं । रीवा से इसे भेजने में कोताही बरती जा रही है । सरकारी योजना पर पलीता लगाया जा रहा है । मासूमों और गर्भवती महिलाओं का हक मारा जा रहा है ।

यह रहता है पोषण आहार में

1-गेहूं सोया बर्फी

2-आटा बेसन के लड्डू

3-हलुआ प्रिमिक्स

4-बाल आहार प्रिमिक्स

5-खिचड़ी

किसके लिए कितनी मात्रा में: जो पोषण आहार मिलता है उसमें गर्भवती और धात्री महिला को 150 ग्राम सोया बर्फी,150 ग्राम वजन के लड्डू ,छह माह से तीन साल तक के बच्चों के लिए हलुआ 120 ग्राम , बाल आहार 125 ग्राम और खिचड़ी 150 ग्राम प्रतिदिन के हिसाब से भेजा जाता है। इसमें महिलाओं और बच्चों को कैलोरी तथा प्रोटीन की अच्छी पूर्ति होती है ।

मार्च के बाद से नहीं पहुंचा पोषण आहारः जानकारी के मुताबिक मार्च के अंतिम सप्ताह में पोषण आहार जिले के अंदर आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजा गया था वह भी पर्याप्त नहीं था । इसके बाद अप्रैल में भेजा हीं नहीं गया और अब मई के अंतिम सप्ताह में आया है तो वह भी जयसिंहनगर और गोहपारू में नहीं भेजा गया है। गौरतलब है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज बच्चों की हाजिरी आनलाइन भेजी जाती है उसके हिसाब से ही आन लाइन मांगपत्र जनरेट हो जाता है और उसी के हिसाब से पोषण आहार भेजा जाता है । महिला बाल विकास विभाग को सिर्फ ट्रक का भाड़ा देना होता है । बताया जा रहा है कि पहले जब एमपी एग्रो इस काम को कर रहा था तब सप्लाई ठीक थी अब देरी हो रही है ।

जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज बच्चे

परियोजना दर्ज बच्चे

ब्यौहारी 25 हजार 789

बुढ़ार 25 हजार 807

जयसिंहनगर 22 हजार 880

पाली वन 11 हजार 907

शहडोल नवीन 7 हजार 660

सोहागपुर 20 हजार 085

कुल 1 लाख 41 हजार 128

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अप्रैल माह में पोषण आहार नहीं पहुंचा है । मार्च के अंत में आया था । अभी दो दिन पहले ही कुछ जगहों पर पोषण आहार भेजा गया है जयसिंहनगर और गोहपारू में इसकी खेप अभी नहीं पहुंची है । यह रीवा से आता है और इसे आजीविका मिशन के समूह से बनवाकर भेजा जाता है ।पहले यह समय पर पहुंच जाता था अभी जनवरी माह से लेट लेट हो रहा है ।

शालिनी तिवारी

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास विभाग ।

Posted By: Nai Dunia News Network

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