शहडोल(नईदुनिया प्रतिनिधि)। मोबाइल चोर के पीछे भागते समय ट्रेन की चपेट में आने से चकराघाट नेमा गली सिटी कोतवाली क्षेत्र सागर निवासी मनोज नेमा पुत्र बाबूलाल नेमा 54 वर्ष की मौत हो गई है।यह घटना शहडोल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमार दो में दुर्ग-अजमेर ट्रेन से रविवार की रात लगभग साढ़े दस बजे की है।मृतक मनोज नेमा सरस्वती शिशु मंदिर मोती नगर सागर में आचार्य एवं मीडिया प्रभारी थे।जीआरपी के अनुसार मनोज नेमा अपनी बुआ को छोड़ने 13 मई को भिलाई गए थे और 15 मई को वापस घर जाते समय यह घटना हो गई।मोबाइल चोर राजेंद्र सिंह पुत्र छबीनाथ सिंह 19 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांम 18 डोंगरीटाेला ग्राम खैरी तहसील गोहपारु,थाना क्षेत्र बुढ़ार जिला शहडोल को जीआरपी ने पकड़ ने लिया है।आरोपित बोताई का काम करता है।14 मई को काम की तलाश में रायपुर गया था और काम नहीं मिलने के कारण दुर्ग-अजमेर ट्रेन से वापस आ रहा था। रायपुर से शहडोल आने के लिए ट्रेन में चढ़ा था।साथ में एक लड़का सुमन सिंह भी था,जो अनुपपुर में उतर गया था।रास्ते में मनोज नेमा से बातचीत करते हुए दोस्ती कर लिया और दोस्त को फोन करना कहकर रास्ते में उनसे फोन मांग लिया।शहडोल स्टेशन से जब गाड़ी छूटने लगी तो मोबाइल लेकर भागने लगा।मनोज नेमा आवाज देते रहे,लेकिन तब तक वह ट्रेन से नीचे कूदकर भागने लगा तो आरपीएफ ने स्टेशन में ही पकड़ लिया।इधर मनोज पीछा करते समय गिरकर ट्रेन के नीचे आ गए और चपेट में आने से मौत हो गई।जीआरपी थाना प्रभारी फूल कुमारी ने बताया कि घटना हुई है।मृतक के भाई सागर नेमा आ गए हैं और पीएम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया है।आराेपित मोबाइल चोर के खिलाफ कार्यवाही की गई है।

आरपीएफ की सतर्कता पकड़ा गया चोर

मोबाइल चोर जब मोबाइल लेकर भाग रहा था,तो आपीएफ ने शंका के आधार पर पूछताछ के उसे पकड़ लिया।यदि आरपीएफ सर्तक नहीं होती तो आराेपित बच निकलता और मौत का कारण पता नहीं चल पाता।आरपीएफ थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि आरोपित राजेंद्र सिंह पहले इघर-उधर घुमा रहा था,लेकिन मोबाइल की जांच करने के बाद पकड़ा गया।मनोज नेमा का मोबाइल उसके पास मिला है।इसके बाद आरोपित को जीआरपी के हवाले कर दिया गया है।

Posted By: Shivpratap Singh

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