शहडोल (नईदुनिया प्रतिनिधि)। करवा चौथ का व्रत पूरे पारंपरिक ढंग से हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया। दिन भर महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा और शाम को चंद्र दर्शन कर पूजा अर्चना के बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर इस व्रत को पूरा किया। पति की लंबी आयु की कामना को लेकर करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। रविवार को इस व्रत को लेकर महिलाओं में उत्साह दिखाई दिया। साज श्रृंगार कर महिलाओं ने पति के नाम की मेंहदी हाथों में रचाई।

एक दिन पहले ही कर ली थी तैयारी

महिलाओं ने शनिवार को ही इस व्रत के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया था। इंदौर से सेवंती और रजनीगंधा के फूल शहडोल मंगाए गए थे जिनसे बने गजरे महिलाओं ने अपने बालों में सजाकर चंद्रमा का पूजन कर छलनी से उसका दीदार किया।

रिश्ते बनाता है मजबूत

वर्षा पांडेय ने कहा कि यह पर्व पति पत्नी के रिश्तों को मजबूती प्रदान करता है। डॉ शिखा खरया ने कहा कि इस व्रत का अपना अच्छा खासा महत्व है। पूजा राजपूत ने कहा है कि इस व्रत को क्वांरी लड़कियां भी मनचाहा वर पाने के लिए रखती हैं। शिल्पी दुवे का कहना है कि मैंने यह व्रत शादी के बाद शुरू किया जो आज तक जारी है। रविवार होने के बाबजूद करवा चौथ का पर्व देखते हुए बाजारों में रौनक रही। ब्यूटी पार्लर पर जाकर भी महिलाएं सजने संवरने में लगी रहीं। ब्यूटीशियन शिवांगी पांडेय ने बताया कि महिलाएं इस व्रत पर सजना संवरना बेहद पसंद करती हैं। हाथों में मेहदी लगाकर श्रृंगार कर उन्होंने पति के लिए यह व्रत रखा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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