शहडोल (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र का संचालन किया जाता है जिसमें यह स्थिति है कि वर्तमान में जिला प्रबंधक को छोड़कर बाकी सब पद खाली पड़े हुए हैं। यहां पर बच्चों को दंत चिकित्सा की सुविधा भी दी गई थी यह सुविधा वर्ष 2015 से 2018 तक चलती रही लेकिन इसके बाद से अब तक यह सुविधा पूरी तरह से बंद है। ग्रामीण क्षेत्र के जो बच्चे दांत की बीमारी से ग्रसित होकर यहां आते हैं उनको शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में चिकित्सा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। 2018 से दंत चिकित्सक की पोस्ट खाली पड़ी है। जिला अस्पताल के दंत चिकित्सा विभाग में मेडिकल से दो डाक्टर यहां आते हैं लेकिन वे भी दांतों के किसी तरह के आपरेशन रूट केनाल फिलिंग आदि नहीं करते हैं सिर्फ दांत देखकर पर्चा लिख देते हैं। यहां भी डेंटल चेयर है लेकिन इसका भरपूर लाभ जिले के किसी मरीज को नहीं मिल पा रहा है।

गेट से बाहर एक दर्जन डेंटिस्ट खोले हैं दुकान

जिला अस्पताल के गेट के दोनों ओर बाहर निकलते ही एक दर्जन डेंटिस्ट अपना क्लीनिक खोले हैं। जिला अस्पताल में दंत चिकित्सा की सुविधा ठीक से न मिलने के कारण मरीज को बाहर जाकर ही इलाज कराना पड़ता है। जिले के बच्चों में दांत की बीमारी ज्यादा है। ग्रामीण क्षेत्र से जब आरबीएसके की टीम जिला केंद्र में इलाज के लिए बच्चों को भेजती है तो उनको किसी तरह का लाभ दंत चिकित्सा का नहीं मिल पाता है और ऐसे में उनको बाहर निजी क्लीनिक पर ही जाना पड़ता है। गांव के गरीब लोग निजी क्लीनिक पर मंहगी फीस नहीं दे पाते हैं जिसके कारण वे बिना इलाज कराए वापस चले जाते हैं।

2015 में शुरू हुई थी सुविधा

आरबीएसके की जिला प्रबंधक कंचन पटेल बताती हैं कि वर्ष 2015 में जब शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र की शुरूआत हुई थी उस समय एक महिला डेंटिस्ट की यहां पर नियुक्ति हुई थी इसके बाद 2018 तक लगातर बच्चों को दंत चिकित्सा की सुविधा मिली है लेकिन अब चिकित्सक नहीं है तो फिलहाल यहां पर यह सुविधा बंद है लेकिन हम जिला अस्पताल बच्चों को इलाज के लिए भेज देते हैं।

जिला अस्पताल में सुविधा पर नहीं होता आपरेशन

जिला अस्पताल में दंत चिकित्सक के तौर पर दो डेटिंस्ट एवं मेडिकल कालेज के दो डाक्टर यहां आकर सेवाएं दे रहे हैं लेकिन किसी मरीज को दांत का किसी तरह का आपरेशन या फि क्रिटिकल केस हो तो उसकी सुविधा यहां नहीं है। चिकित्सक पर्चा पर दवा लिख देते हैं इससे ज्यादा सुविधा यहां पर नहीं है। कुल मिलाकर संभागीय मुख्यालय के जिला अस्पताल में दंत चिकित्सा के नाम पर मरीज को ज्यादा राहत नहीं मिल पा रही है।

जल्दी ही भर्ती होगी

शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में डेटिस्ट की जल्दी ही भर्ती होगी ताकि बच्चों को दांतों से संबंधित बीमारी का इलाज सुगमता से मिल सके ।यहां से डिमांड भी भेजी गई है।

डा जी एस परिहार

सिविल सर्जन जिला अस्पताल।

Posted By: Nai Dunia News Network

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