शहडोल । नईदुनिया प्रतिनिधि। पं.एसएन शुक्ला विश्वविद्यालय में हुई सहायक प्राध्यापक भर्ती प्रक्रिया को गलत बताते हुए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने सोमवार को विश्वविद्यालय का घेराव किया। एनएसयूआई भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए युनिवर्सिटी का घेराव कर गेट पर जमकर नारेबाजी की।पंडित एसएन शुक्ला विश्वविद्यालय में अभी हाल ही में 24 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती की गई है जिसमें भ्रष्टाचार और घोटाले के आरोप लगते चले आ रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया पर विभिन्न संगठन तथा आवेदक सवाल उठाते चले आ रहे हैं।सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय का घेराव किया और कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पुतला फूंका।

यह लगाया कुलपति पर आरोप

एनएसयूआई के नेताओं ने कहा कि यूनिवर्सिटी में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती में जबरदस्त घोटाला किया गया है।इन भर्तियों को निरस्त करने की इन्होंने मांग की।उल्लेखनीय है कि इसके पहले समस्त स्थाई प्राध्यापक संघर्ष मोर्चा तथा अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के द्वारा आरोप लगाया गया है कि भर्ती प्रक्रिया में रोस्टर का पालन नहीं किया गया और कुलपति ने अपने चहेतों को बिना स्क्रीनिंग प्रक्रिया का पालन किए हुए भर्ती कर लिया है।इसी तरह की मांग को लेकर एनएसयूआई ने भी सोमवार को अपनी आवाज बुलंद की।

पूरी प्रक्रिया है भ्रष्टाचार से घिरी

एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में जमकर अनियमितता और भ्रष्टाचार किया गया है।एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह के नेतृत्व में तथा जिला समन्वयक आशीष तिवारी की अगुवाई में विश्वविद्यालय का घेराव किया गया।भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन में पंडित एसएन शुक्ला विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि न केवल भर्ती घोटाला हुआ है बल्कि परीक्षा परिणाम में भी छात्रों के साथ अन्याय किया गया।

एक घंटे तक किया हंगामा

प्राध्यापक भर्ती के मुद्दे को लेकर एक घंटे तक एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के गेट पर जमकर हंगामा किया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और यूनिवर्सिटी के अंदर किसी को भी घुसने नहीं दिया गया। गेट पर ही नारेबाजी और पुतला जलाने के कार्यक्रम होते रहे। इस दौरान एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष के अलावा पूर्व जिला अध्यक्ष सुमित गुप्ता, जिला समन्वयक आशीष तिवारी, सौरभ तिवारी, मयंक सिंह, आशीष द्विवेदी, शुभम सोंधिया, प्रमोद पटेल, सिमरन कौर, ऋषभ द्विवेदी, अमन मिश्रा, शुभम सिंह, सत्यम, आकाश सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इस तरह के लगे हैं कुलपति पर आरोप

-भर्ती प्रक्रिया में रोस्टर का पालन नहीं किया गया।

-मेरिट लिस्ट आज तक बेबसाइट पर नहीं डाली गई।

-भर्ती प्रक्रिया में बुलावा ठीक से नहीं किया गया।

-प्रक्रिया में स्क्रीनिंग का पालन नहीं किया गया।

-यूजीसी के रेगुलेशन एक्ट का पालन नहीं किया।

-जबलपुर से आए कुलपति के नजदीकी ने लेन देन में निभाई भूमिका।

-भ्रष्टाचार की पोल न खुल जाए इसलिए दबा रहे मामला।

Posted By: Jitendra Richhariya

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