Vikas Dubey Encounter : शहडोल। कानपुर के गैंगस्टर विकास दुबे की एनकाउंटर में मौत के बाद यूपी एसटीएफ ने उसके साले ज्ञानेंद्र निगम उर्फ राजू खुल्लर और उसके बेटे आदर्श को रिहा कर दिया है। यूपी एसटीफ उन्हें शहडोल जिले के बुढ़ार में उनके घर छोड़ने आई। विकास दुबे को लेकर पूछताछ में यूपी एफटीफ उन्हें अपने साथ ले गई थी। विकास की मौत के बाद राजू की पत्नी पुष्पा ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार से पति और बेटे को छोड़ने की गुहार लगाई थी।

विकास ने गलत किया तो उसके साथ भी गलत हुआ

विकास ने कौन सा अच्छा काम किया था जो उसके साथ अच्छा होता। उसने गलत काम किया तो उसके साथ भी गलत हुआ। उसने पुलिस वालों को मारा, निर्दोष पुलिस वालों को मारा जिसका परिणाम यह हुआ जो उसे खुद भुगतना पड़ा। यह कहना है एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे के साले राजू निगम का। नईदुनिया से बात करते हुए राजू निगम ने कहा कि मुझे एसटीएफ की टीम ने बहुत अच्छी तरह से रखा, मुझे कोई दिक्कत नहीं हुई, मेरे साथ पुलिस ने गलत नहीं किया। मैंने भी पुलिस को बता दिया कि मेरी विकास से पिछले कई सालों से बातचीत नहीं हुई है आप मेरा मोबाइल भी देख सकते हैं, पुलिस को जो पूछना था मैंने उनको बताया। मैं पूरी तरह निर्दोष था मेरा बेटा निर्दोष था और यही कारण है कि मुझे उत्तर प्रदेश की एसटीएफ ने सकुशल मेरे घर भिजवाया।

सभी ने दिया मेरा साथ

राजू निगम का कहना है कि चाहे मध्य प्रदेश की पुलिस हो चाहे शहडोल की पुलिस हो या कि फिर उत्तर प्रदेश की सबने मेरे साथ अच्छा व्यवहार किया है। मुझे अच्छी तरह से रखा गया खाना खिलाया गया, किसी तरह की कोई परेशानी नहीं हुई। राजू निगम का कहना है कि मुझे किसी से कोई गिला शिकवा नहीं है।

सुबह 11 बजे पहुंचे अपने घर

एसटीएफ की टीम से रिहा होने के बाद राजू निगम अपने बेटे आदर्श के साथ बुढ़ार सुबह 11 बजे पहुंचे। एसटीएफ ने उनको एक वाहन से घर तक भेजा। उनकी पत्नी पुष्पा निगम ने खुशी-खुशी उनका स्वागत किया इसके बाद राजू से मिलने वाले उनके दोस्त भी घर पहुंचे और सब ने उनकी कुशलक्षेम पूछी।

अब जाकर खोलूं अपनी दुकान

राजू निगम ने कहा कि पिछले चार-पांच दिन से पूरी तरह से डिस्टर्ब रहा हूं दुकान भी बंद रही है। अब आ गया हूं तो जाकर दुकान खोलूंगा, दुकान पर बैठूंगा। राजू निगम का कहना था कि मेरा विकास दुबे से लंबे अरसे से कोई संबंध नहीं है और ना रहेगा। उसने जो किया उसका परिणाम उसे भुगतना पड़ा मुझे भी विकास दुबे का साला होने की कीमत चुकानी पड़ी और 15 सालों के बाद मुझे इस तरह से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि पुलिस ने मेरे साथ बहुत अच्छा व्यवहार किया है इसलिए मैं पूरी तरह से खुश हूं।

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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