आगर मालवा। क्षेत्र के प्रसिद्घ बैजनाथ महादेव की शाही सवारी श्रावण माह के आखिरी सोमवार को धूमधाम से निकाली गई। मंदिर से शाही ठाठ-बाट से निकले नगराधिपति बाबा बैजनाथ ने नगर भ्रमण कर प्रजा के हाल जाने। बाबा के दर्शन करने व उनकी एक झलक पाने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ा। 44वीं शाही सवारी में भक्तों की संख्या पिछली सभी सवारियों के मुकाबले डेढ़ गुना अधिक रही। जिलेवासियों के अलावा अन्य जिलों से आए लोग भी शाही सवारी में शामिल हुए। शाही सवारी में शामिल भक्तों व बाबा बैजनाथ का लोगों ने पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत किया। पूरा शहर बैजनाथ महादेव की भक्ति में डूबा नजर आया।

सुबह 3.30 बजे कलेक्टर अवधेश शर्मा सपत्नीक बैजनाथ मंदिर पहंचे और विधि-विधान से बाबा का अभिषेक किया। उसके बाद गर्भगृह में लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया। दोपहर 12.30 बजे गर्भगृह में सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी, सुसनेर विधायक विक्रम सिंह राणा, आगर विधायक, कलेक्टर शर्मा, एसपी राकेश कुमार सगर, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सिंह बरखेड़ी आदि ने विधिविधान से पूजा व आरती की तथा आह्वान के बाद बाबा बैजनाथ की पिंडी को रथ में लाकर विराजित किया। जहां जनप्रतिनिधियों व भक्त मंडल के सदस्यों ने कपूर आरती की। उसके बाद शाही सवारी बैजनाथ महादेव से आरंभ हुई। शाही सवारी में राष्ट्र भक्ति का रंग भी दिखाई दिया। सवारी में शामिल कई लोग हाथों में तिरंगा लेकर चल रहे थे। वहीं स्वागत मंचों पर भी तिरंगा लगाए गए थे।

जिला जेल पर दी गई सलामी

लाव-लश्कर के साथ मंदिर से निकले बाबा बैजनाथ की शाही सवारी जिला जेल के सामने पहुंची। जहां जेलकर्मियों ने बाबा बैजनाथ को सलामी दी। मंदिर परिसर से 4 किलोमीटर का सफर तय करके शाही सवारी छावनी नाके पर पहॅुची। जहां अन्य स्थानों से आई झांकिया बैंड आदि शामिल हुए। विभिन्न गांवों से आए भजन मंडली के सदस्य भजन करते हुए चल रहे थे। वहीं ढोल व बैंड की धुन पर भक्त बाबा की भक्ति में नृत्य करते हुए चल रहे थे। सवारी मार्ग में भक्तों ने अपने मकानों की छतों पर खड़े होकर पुष्प वर्षा की तथा राजनीतिक दल सामाजिक व धार्मिक संगठनो के सदस्यों ने मंच से सवारी में शामिल लोगों का स्वागत किया। बाबा बैजनाथ की पूजन व आरती की।

यह रहे आकर्षण

44वीं शाही सवारी में बाबा बैजनाथ का रथ सबसे आगे चल रहा था। रथ के आगे श्रीराम सेना के सदस्य हाथों में झाडु लेकर सफाई करते हुए चल रहे थे। पीछे झांकियां व बैंड बाजे थे। दुर्गा वाहिनी की 30 बालिकाएं दंड प्रदर्शन करते हुए चल रही थीं। नृत्य करती घोड़ियां व हरियाणा का बैंड, ढोल-तासे, सूखे रंगों की बौछार तथा फूल बरसाती तोप के अलावा शाही सवारी में झांकियां मनमोह रही थीं। वहीं अखाड़े के कलाकारों ने हैरत अंगेज करतब बताए। तरह-तरह के मुखौटे पहने युवा आकर्षण का केन्द्र थे। पुरानी कृषि उपज मंडी में समापन आरती हुई। यहीं पर शाही सवारी में शामिल एक लाख भक्तों को भोजन प्रसादी ग्रहण कराई गई।

अचलेश्वर महादेव की सवारी रही आकर्षण केंद्र

बाबा बैजनाथ की शाही सवारी के साथ ही प्रसिद्घ अचलेश्वर महादेव की सवारी भी इस बार अपने अनोखे अंदाज में पूरे धूमधाम से निकाली गई। शिव बारात, जिसमें नंदी पर भोलेनाथ और शेर पर विराजित मां दुर्गा, विशेष आकर्षण को केन्द्र रहे।

जिला प्रशासन एवं पुलिस की चाक-चौबंद रही व्यवस्था

शाही सवारी के दौरान जिला एवं पुलिस प्रशासन की व्यवस्था चाक-चौबंद रही। पुलिसकर्मियों व राजस्व अधिकारी मंदिर प्रागंण से तैनात रहे। लोगों को असुविधा से बचाने के लिए पुलिसकर्मी मुख्य सवारी के आसपास रस्सा खिंचते हुए चल रहे थे। एएसपी नवल सिंह सिसौदिया, एडीएम रवि कुमार सिंह, एसडीएम राजेन्द्र सिंह रघुवंशी, एसडीओपी मोनिका सिंह शाही सवारी की व्यवस्था बनाने में जुटे हुए थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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