शाजापुर। मानव जीवन में जाने-अनजाने में शुभ और अशुभ कर्म हर प्राणी करता है। जिसके अनुसार उसे भविष्य में फल भी मिलता है। किन्तु मानव जीवन में आकर किसी मंदिर को बनवाना और उसकी धर्म ध्वजा लहराने का सौभाग्य मिलना बिना प्रभु की कृपा और बगैर पुण्य के संभव नहीं है। धर्म कार्य में खुद को समर्पित करने वाले को किसी बात की चिंता नहीं होती उसका ध्यान परमात्मा स्वयं रखता है।

उक्त आशीर्वचन पपू अनुयोगाचार्य श्रीवीररत्न विजयजी मसा ने शनिवार को जैन उपाश्रय में आयोजित धर्मसभा में उपस्थितजनों को प्रदान किए। इस मौके पर दिनभर आयोजित किए गए धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों के अन्तर्गत सर्वप्रथम जैन समाजजनों द्वारा नगर में विशाल चलसमारोह निकालकर आयोजनों की भक्तिमय शुरूआत की गई। जिसके अन्तर्गत आयोजन के मुख्य लाभार्थी समाज अध्यक्ष लोकेन्द्र नारेलिया के स्थानीय पीपली मोहल्ला निवास स्थान आनन्द लोक से सुबह करीब 8 बजे समाज का विशाल चलसमारोह प्रारंभ हुआ जो नगर के विभिन्ना प्रमुख मार्गों कसेरा बाजार, आजाद चौक, नईसड़क, टॉकीज चौराहा, नागनागनी रोड़, सोमवारिया बाजार, कंस चौराहा, सब्जीमंडी चौराहा एवं पुनः

आजाद चौक होता हुआ ओसवालसेरी स्थित चौबीस जिनालय धाम जैन मंदिर पहुंचकर सम्पन्ना हुआ।

चलसमारोह का विभिन्ना स्थानों पर भव्य स्वागत भी किया गया। इसके उपरान्त करीब 10ः30 बजे जिनालयधाम के शिखर पर लाभार्थी नारेलिया परिवारजनों ने शुभ मुहुर्त में कायमी ध्वजारोहण का धार्मिक आयोजन सम्पन्ना किया।

तत्पश्चात स्थानीय जैन उपाश्रय में आयोजित धर्मसभा के दौरान समाजजनों द्वारा ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष एवं समारोह आयोजक लोकेन्द्र नारेलिया तथा अपनी निजी भूमि पर जैन आराधना भवन का निर्माण करवाने वाले श्याम किशोर पौद्दार का बहुमान किया गया। धर्मसभा के दौरान जैन उपाश्रय में शासन माता की स्थापना भी की गई। जिसकी बोली के लाभार्थी भी लोकेन्द्र-जितेन्द्र नारेलिया परिवार रहे। इस दौरान स्वागत भाषण व आभार सौरभ नारेलिया ने माना। समस्त आयोजनों में बड़ी संख्या में समाज के महिला एवं पुरूष उपस्थित रहे।

ध्वजारोहण के दर्शन के लिए उमड़ा जन समुदायः मंदिर के शिखर पर वर्ष में एक बार शुभ मुहुर्त में चढ़ाई जाने वाली ध्वजा के दर्शनों का लाभ लेने हेतु शहर सहित आसपास के जैन धर्मावलंबी बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। इसके साथ ही ध्वजारोहण समारोह प्रारंभ होते ही अन्य समाज के लोग भी इस अविस्मरणीय अवसर का लाभ लेने पहुंचे। वर्षगांठ समारोह के दौरान दोपहर 2 बजे मंदिरजी में सत्तरभेदी पूजा का आयोजन किया गया तथा अंत में रात्रि 8 बजे प्रभु भक्ति का आयोजन भी किया गया, जिसमें लोकेन्द्र नारेलिया भक्ति मण्डल ने प्रभु भजनों की सुमधुर प्रस्तुतियां दी। समस्त आयोजनों के प्रमुख लाभार्थी लोकेन्द्र, जितेन्द्र, सौरभ, अक्षय व अंकुश नारेलिया रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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