-कैचमेंट एरिया में बारिश की दरकार, लिफ्टिंग की मजबूरी से जलस्तर में गिरावट

शाजापुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

चीलर डैम में सावन में ही पानी की लिफ्टिंग की नौबत आ गई तो मानसून के शुरूआत में बढ़ा जलस्तर भी लगातार कम हो रहा है। ऐसे में जिम्मेदारों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींच गई है, क्योंकि जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो दिक्कतें खड़ी हो जाएंगी। दरअसल, डैम के कैचमेंट एरिया में बारिश नहीं होने से जलस्तर बढ़ नहीं पा रहा है। वहीं लिफ्टिंग होने से जलस्तर कम जरूर होने लगा है।

बारिश की लंबी खेंच से भविष्य के जलसंकट की तस्वीर दिखाई देने लगी है। 19 जुलाई को 14वें दिन जिले में झमाझम बारिश हुई थी। इसके बाद रविवार तड़के बारिश हुई। इस बारिश से डैम के जलस्तर पर कोई असर नहीं पड़ा क्योंकि कैचमेंट एरिया में इतना पानी नहीं बरसा कि आवक हो सके । दूसरी ओर डैम में मौजूद जलस्तर भी लगातार कम हो रहा है।

बीते सप्ताह दो-तीन बार बारिश हुई, वह फसलों को तो नई उम्मीदें दे गई लेकि न डैम के कैचमेंट एरिया में बारिश नहीं हुई। वर्तमान में जलस्तर डेढ़ फीट से मामूली कम हुआ है। सावन माह में डैम की यह स्थिति बनी हुई है। जुलाई बीतने के भी दस दिन बचे हैं। ऐसे में जल्द से जल्द बारिश होकर डैम की झोली लबालब हो जाए, इसकी सभी उम्मीद लगाए बैठे हैं। वर्तमान में डैम में इतना पानी नहीं है कि स्वतः प्रवाह से वाटर वर्क्स तक बहकर आ जाए। कु छ दिनों से पानी को दोबारा से लिफ्ट करके वाटर वर्क्स तक लाया जा रहा है। यहां पर पानी उलीचने के लिए मोटरें, के बल सहित अन्य सामान रखे हैं। हालांकि वाटर वर्क्स के समीप नदी में कु छ पानी जरूर आया है। इससे शहर में पानी सप्लाय के लिए एक-दो बार जितना पानी उपलब्ध हुआ है। जल्द ही झड़ी नहीं लगी तो डैम में मौजूद डेढ़ फीट पानी भी लिफ्ट करने से कम हो जाएगा।

दो साल से अल्प भराव

जिले में पिछले दो साल से अल्पवर्षा हुई है। इससे चीलर डैम भी लबालब नहीं भर पा रहा है। औसत से कम बारिश होने से कृषि प्रधान जिले में कि सानों की फसल उत्पादन पर असर पड़ा है। दो साल में अधिकांश जलस्रोतों का भराव नहीं हो पाया तो भूजल स्तर में भी बढ़ोतरी नहीं हो पाई। डैम का जल भराव अपूर्ण होने से सिंचाई के लिए वर्ष 2017 के रबी सीजन में तो एक बार भी पानी नहीं दिया जा सका। वहीं पिछले साल एक बार पानी दिया गया। पानी की कमी से गेहूं के रकबे में भी कमी आ गई। शहर में भी पेयजल सप्लाय करने के लिए नपा को लिफ्ट करने की मशक्कत करनी पड़ रही है। पूरी गर्मी शहरवासियों को डेड स्टोरेज का पानी पीने को मजबूर होना पड़ा। ऐसे में शहरवासियों सहित आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणों को डैम के जल भराव को लेकर उम्मीदे हैं।

21एसजेआर15- चीलर डैम में डेड स्टोरेज में पानी भरा है। वह भी कम हो रहा है।