- अनुबंध हस्ताक्षर होने के साथ कागजी कार्रवाई पूरी, बस संयंत्र स्थापना का इंतजार

शाजापुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

लीड बीकेएसएन कॉलेज में सौर ऊर्जा संयंत्र लगने का इंतजार प्रबंधन को है। करीब दो साल से इसे लेकर कवायद चल रही है। किंतु अब तक इसके लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो सकी है। हालांकि जल्द ही सौर ऊर्जा पैनल लगाए जाने का काम प्रारंभ होने की संभावना कॉलेज प्रबंधन जता रहा है। संयंत्र लगने और उत्पादन प्रारंभ होने के बाद कॉलेज को सौर ऊर्जा से उत्पादित विद्युत का लाभ मिल सके गा। जिससे कॉलेज में बिजली बिल की राशी में कमी आने के साथ विद्युत संबंधी अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।

लीड बीकेएसएन कॉलेज से प्राप्त जानकारी अनुसार उच्च शिक्षा विभाग कॉलेजों को सौर ऊर्जा से रोशन कर अक्षय ऊर्जा के स्रोतों को बढ़ावा देने की योजना कु छ वर्ष पहले शुरू की गई। जिसके तहत प्रदेश के करीब तीन सौ कॉलेजों में सौर ऊर्जा प्लांट लगाने का प्लान था। इनमें से कई कॉलेजों में प्लांट लग गए किंतु कई कॉलेजों में अभी इनकी स्थापना नहीं हो सकी है। प्रबंधन के अनुसार सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए बीते करीब दो साल से कार्रवाई चल रही है। इसे लेकर भोपाल में अनुबंध पत्र भी हस्ताक्षर हो चुका है। साथ ही इससे जुड़ी जानकारी भी कॉलेज द्वारा उच्च शिक्षा विभाग को उपलब्ध करा दी है। बाबजूद काम अब तक शुरू नही हुआ है। सौर ऊर्जा संयंत्र लगने से कॉलेज को लाभ होगा किंतु अभी तो इसका इंतजार ही कि या रहा है।

एक साल पहले भेजी जानकारी

वर्ष 2018 में कागजी कार्रवाई संपन्न कि ए जाने के बाद इसी साल भी कॉलेज में विद्युत खर्च और उसके बिल भुगतान संबंधी जानकारी भी भेजी गई। संयंत्र लगाने का काम शासन से निर्धारित संस्था करेगी, फिलहाल संस्था के बारे में कोई जानकारी नही मिली है। वरिष्ठ स्तर से इतना जरुर कहा गया है कि संयंत्र लगाने के दौरान कॉलेज भवन को कि सी तरह को हानि न पहुंचे इसे लेकर सतर्कता रखने के साथ काम के दौरान ध्यान रखना है।

इस तरह मिलेगा सौर ऊर्जा संयंत्र से लाभ

- प्लांट लगाने कॉलेजों को कें द्र और प्रदेश सरकार से छूट का प्रावधान होगा, जिससे प्लांट की स्थापना पर होने वाले खर्च में कमी आएगी।

- 10 हजार रुपए का बिल जिन कॉलेजों का आता है, उन्हें 10 कि लोवाट का प्लांट लगाना होगा।

- 1 कि लोवाट की बिजली के लिए 100 वर्ग फीट जगह लगेगी, ऐसे में एक हजार से 2000 वर्ग फीट के कै ंपस में सोलर प्लांट लग सकें गे।

- 1 से 10 कि लोवाट बिजली का खर्च 66 रुपए प्रति कि लोवाट, 10 से 100 कि लोवाट बिजली के खर्च पर 55 रुपए प्रति कि लोवाट और 100 से 500 कि लोवाट बिजली पर 53 रुपए प्रतिकि लोवाट का खर्च होगा, जिससे कॉलेज बड़ी आर्थिक बचत कर सकें गे।

- कॉलेजों को इसके लिए कोई खर्च नही करना पड़ेगा।

इंतजार कर रहे हैं

हमारे द्वारा कार्रवाई पूरी कर दी गई है, अब उच्च शिक्षा विभाग और संयंत्र लगाने वाली कंपनी के स्तर से काम होना है। हम स्थापना कि ए जाने का इंतजार कर रहे हैं।

- एसके तिवारी, लीड बीकेएसएन कॉलेज