शाजापुर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा प्रेषित एक्शन प्लान ऑन शिविर के पालन में माह अगस्त में 03 अगस्त से 09 अगस्त 2022 तक जनजाति संवर्धन सप्ताह मनाया जा रहा है जिसके अनुक्रम में शनिवार को इटरर्नल स्कूल ऑफ स्टडीज शाजापुर में विधिक जागरूकता सह सशक्तिकरण शिविर का आयोजन चाईल्ड हेल्प लाइन के समन्वय से जिला न्यायाधीश एवं सचिव राजेन्द्र देवड़ा के मुख्य आतिथ्य एवं बृजेश गोयल एनडीपीएस पीठासीन अधिकारी, फारूक अहमद सिददीकी जिला विधिक सहायता अधिकारी के विशेष आतिथ्य में किया गया।

शिविर की शुरूआत मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं माल्यापर्ण कर की गई। मंच पर मंचासीन अतिथिगण का स्वागत विद्यालय के संचाल दिनेश झाला द्वारा शाल- श्रीफल भेंट कर किया गया। शिविर में उपस्थित छात्राओं को जागरूकता और सशक्तिकरण को लेकर कई जानकारियां दी गई। मौके पर जिला प्राधिकारण के सचिव जिला जज राजेन्द्र देवड़ा ने सभी को कई तरह की कानून की जानकारियां देते हुए कहा कि जीवन अमूल्य है, इसलिए अपराध करने से पहले कम से कम सौ बार जरूर सोच लें क्योंकि भाव आवेश अथवा क्रोध के कारण अपराध घटित हो जाने से खुद के साथ आश्रित और परिवार के सदस्यों को भी उसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

कभी-कभी जाने-अनजाने अथवा आत्मरक्षार्थ में अपराध घटित हो जाते है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पीड़ित के साथ उन्हें भी न्याय दिलाता है जो गरीब अथवा मध्यम वर्गीय परिवार जो आर्थिक तंगी के कारण न्यायालय जाकर न्याय प्राप्त करना चाहते हैं। आवेदन के आधार पर निशुल्क वकील मुहैया कराता है। थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता और गुस्से पर नियंत्रण से कानून का उल्लंघन करने से बचा जा सकता है। अपराध करके जेल जाने से ज्यादा महत्वपूर्ण इंसान का भविष्य है। कहा कि बिना कोर्ट गए भी मध्यस्थता केंद्र में विवाद सुलझाया जा सकता है। लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि वर्तमान समय में लगभग लोग स्मार्ट फोन का प्रयोग करते हैं। स्मार्ट फोन के माध्यम से मुफ्त कानूनी सलाह प्राप्त कर उसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

एनडीपीएस पीठासीन अधिकारी बृजेश गोयल द्वारा सरकारी सहायता पर कहा कि सहायता से लंबे समय तक जीविकोपार्जन नहीं हो सकता। इसलिए परिस्थितियों को दोष देने के बजाय स्वावलंबी बनें। वात्सल्य योजना की जानकारी देते हुए कहा कि जिन बच्चों को नशे की आदत हो गई है। उन्हें उसकी लत से छुड़ाने और हरसंभव सहायता की जाती है। आर्थिक, सामाजिक सभी तरह की सुविधाएं देने का प्रयास किया जाता है। विधिक सेवा शिविर के आयोजन का मकसद लोगों को जानकारी देना और उन्हें सशक्त बनाना। बताया गया कि लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें जन्म देने वाले माता-पिता व शिक्षा देने वाले गुरू का हमेशा आदर करना चाहिए, जहां ज्ञान मिले उसे आत्मसात कर लेना चाहिए, योग्य न होते हुए योग्य नहीं समझना चाहिये आदि बातों को ध्यान रखना चाहिए। जीवन में सदैव कुछ नया करने और जिज्ञासा प्रवृति का होने की बात कही। इस अवसर पर एनडीपीएस एक्ट, पाक्सो एक्ट के प्रावधानों की भी जानकारी दी। विद्यालय के शिक्षक व शिविर के संचालक नीरज ने भी सेवा के महत्व को प्रतिपादित किया। शिविर के अंत में फारूक अहमद सिद्दीकी, जिला विधिक सहायता अधिकारी द्वारा गरीब और कमजोर वर्ग को प्राप्त कानूनी अधिकारों एवं उनके हितो की रक्षा के संबध जानकारी दी एवं निशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह प्राप्त करने की प्रक्रिया के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी से अवगत कराया। इस अवसर पर प्राचार्य सोदामीनी झाला, कार्यकर्ता सुधा सक्सेना, नीरज द्वारा शिविर का अनुभव बांटा गया। इस अवसर पर शिक्षक, विद्यार्थी, चाइल्ड हेल्पलाइन से सीमा शर्मा, देवेन्द्र गोठी उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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