-धीरे-धीरे कम हो रहा कोरोना संक्रमण, सक्रिय मरीज भी घटे

शाजापुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में सितंबर में कोरोना ने कहर बरपाया किंतु अक्टूबर में मरीजों की संख्या में हो रही कमी राहत दे रही है। पिछले एक सप्ताह में मरीजों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। इसी का परिणाम है कि सक्रिय मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है और हर दिन बढ़ी संख्या में मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो रहे हैं। सोमवार को भी जिले में सिर्फ चार नए मरीज मिले हैं और दस मरीज कोरोना को हराकर स्वस्थ हुए हैं। अब तक जिले में 1219 मरीज सामने आए हैं। इनमें से अब तक 1122 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

कोविड-19 सेल प्रभारी एवं डिप्टी कलेक्टर जूही गर्ग ने बताया कि जिले में सोमवार को दस मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं, जबकि चार नए मरीज मिले हैं। नए मरीजों में तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं। इनमें 30 वर्षीय युवक और 21 वर्षीय युवती ग्राम किसोनी के निवासी हैं। ग्राम लड़ावद निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति और स्टेशन रोड़ शाजापुर निवासी 19 वर्षीय युवक शामिल हैं। सभी का उपचार शुरू कर दिया गया है। जिले में सक्रिय मरीजों का स्वास्थ्य बेहतर हैं, इनमें से कुछ मरीज और जल्द ही डिस्चार्ज होने की उम्मीद है। जिले में तेजी से सक्रिय मरीजों की संख्या कम हो रही है। यह बड़ी राहत देने वाली बात है।

समय पर उपचार कराएं

कोविड सेल प्रभारी जूही गर्ग ने लोगों से आग्रह किया है कि अगर किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या है तो तत्काल उचित उपचार कराएं। उपचार में देरी और लापरवाही से कुछ मरीजों की हालत गंभीर होने की स्थिति सामने आ चुकी है। इसे देखते हुए उन्होंने आग्रह किया है कि अगर किसी का भी स्वास्थ्य खराब है। तो उन्हें आगे आकर परीक्षण कराना चाहिए, जिससे समय पर बीमारी की पहचान और उपचार किया जा सके। कई स्थानों पर सामने आया कि मरीज की हालत गंभीर होने पर वह अस्पताल आए, जिससे उनके उपचार में कई दिक्कतें आईं।

77 मरीज सक्रिय, 31 जिले से बाहर

जिले में अभी 77 मरीज सक्रिय हैं। इनमें से 33 मरीज जिला अस्पताल शाजापुर, कोविड केयर सेंटर और होम आइसोलेशन में हैं। शुजालपुर के अस्पताल, कोविड केयर सेंटर और होम आइसोलेशन में 13 मरीज हैं। इस तरह जिले में कुल 46 मरीजों का इलाज जारी है, इसके अलावा दूसरे जिलों में भर्ती रहकर 31 मरीज उपचार करा रहे हैं। सोमवार को जिले में दस मरीज स्वस्थ भी हुए हैं।

झोलाछापों के चक्कर में न पड़ें

जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल फैला हुआ है। कोरोना संक्रमण सहित अन्य बीमारियों को लेकर मरीज सरकारी अस्पताल के बजाय झोलाछापों के चक्कर में पढ़ रहे हैं। ऐसे कुछ मामले सामने आ चुके हैं। इनमें मरीज पहले स्थानीय डॉक्टर से उपचार लेते रहे। हालात बिगड़ने पर सरकारी अस्पताल पहुंचे। इसे लेकर कोविड सेल के अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य खराब होने पर विशेषज्ञ या पास के स्वास्थ्य केंद्र, फीवर क्लीनिक पर स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। जिससे समय पर बीमारी पकड़ में आ सके और उचित उपचार हो सके। ऐसा होने पर मरीज की स्वास्थ्य समस्या जल्द ही हल हो सकेगी। दूसरी और चिंता की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग झोलाछाप डॉक्टरों को लेकर आंख मूंदे बैठा हुआ है। जबकि प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित अन्य शहरों में झोलाछापों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाए गए हैं।

आंकड़ों में कोरोना

- 1219 मरीज अब तक जिले में

- 1122 मरीज अब तक स्वस्थ हुए

- 77 मरीज जिले में एक्टिव

- 20 मरीजों की अब तक मौत

फोटो-26 एसजेआर 17

कैप्शन-मरीज के निवास क्षेत्र में कार्रवाई करती स्वास्थ्य टीम।

Posted By: Nai Dunia News Network

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