शाजापुर। जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग के कोरोना वार्ड वाले हिस्से को ढहा कर यहां सौ बिस्तर के अस्पताल के लिए नई बिल्डिंग बनाई जाना है। इस पुरानी बिल्डिंग परिसर में ही शीतला माता का प्राचीन मंदिर है।

हिंदु संगठन पदाधिकारी और गवली व कुशवाह समाज के लोगों को सूचना लगी थी कि नए निर्माण के लिए परिसर में स्थित प्राचीन मंदिर को भी हटाया जाएगा। इसे लेकर समाजजनों ने शुक्रवार को मौके पर पहुंचकर नाराजगी जाहिर च थी। इसके बाद शनिवार को भी बड़ी संख्या में समाज व संगठन के लोग अस्पताल परिसर स्थित मंदिर पहुंचे और यहां तहसीलदार को ज्ञापन को सौंपकर मंदिर को भी नए परिसर में ही शामिल कर विकास करने की मांग की।

संगठन और समाजों के पदाधिकारियों का कहना है कि हमारे द्वारा प्रशासन को ज्ञापन देकर मंदिर को किसी भी तरह से प्रभावित नही करने का आग्रह किया गया है। हमारी मांग है कि नए निर्माण में

मंगिर को शामिल कर विकास किया जाए। साथ ही मंदिर आने-जाने के लिए अलग से रास्ता भी रहे। जिससे श्रद्धालुओं और मरीज व स्वजन के साथ ही स्वास्थकर्मियों को सुविधा रहे।

गवली समाज के मनोज गवली ने बताया कि शीतला माता का यह मंदिर काफी प्राचीन है। यहां पर गवली समाज के साथ ही अन्य समाजों के लोग विवाह के पूर्व माता पूजम के लिए आते हैं। अगर इस मंदिर को स्थानांतरित करने या किसी भी रुप में प्रभावित करने की कोशिश की तो इसे बर्दास्त नही किया जाएगा। संगठन पदाधिकारी और समाजजनों द्वारा तहसीलदार सुनील जायसवाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने के लिए काफी देर तक संगठन के लोग व समाजजन प्रशासनिक अधिकारी का इंतजार करते रहे।

शहर बंद कराने की चेतावनी

ज्ञापन सौंपने आए हिंदु संगठनों के पदाधिकारियों का कहना था कि मंदिर को अगर किसी भी स्थिति में प्रभावित नही होने दिया जाएगा। अगर स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन ने मंदिर को प्रभावित करने का प्रयास किया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके लिए सड़क पर भी उतरेंगे और शहर भी बंद कराया जाएगा। हिंदु संगठन से जुड़े मनीष सोनी ने बताया कि मंदिर काफी प्राचीन है और लोगों की आस्था का केंद्र है। इसे नए परिसर के साथ और विकसित करना चाहिए। जिससे विपत्ति के समय अस्पताल आए लोग भी यहां मां से प्रार्थना और पूजा कर सकेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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