नलखेड़ा। संतरा फसल ने आगर जिले को देश भर में अलग पहचान दिलाई है, लेकिन कुछ किसानों का संतरा फसल को लेकर कई किसानों का मोह भंग होता जा रहा है, पिछले सालों में कम उत्पादन व अफलन की आई समस्या के बाद कुछ किसान संतरा के बागीचों को काटने भी लगे हैं, लेकिन आगर जिले को अलग पहचान दिलाने वाली संतरा फसल के उत्पादन के बेहतर करने तथा किसानों को जागरूक करने के लिए अधिकारी समझाईश दे रहे हैं, यहां तक की अधिकारी अब किसानों के बीच बगीचों में भी पहुंच रहे हैं।

कलेक्टर अवधेश शर्मा के निर्देशानुसार कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक एवं उद्यानिकी विभाग के जिला अधिकारियों ने संयुक्त रुप से विकास खण्ड नलखेड़ा के बड़ागांव में भ्रमण कर कृषकों को संतरा पौधे न काटने की समझाइश दी गई। वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र डॉ. आरपीएस शक्तावत ने संतरा में रोग, कीट, पोषण, जल प्रबंधन एवं प्रसंस्करण पर कृषकों को जानकारी देते हुए संतरा फल बगीचों में उन्नात जल प्रबंधन, खाद एवं उर्वरक प्रबंधन एवं संतरा फसल में सुक्ष्म पौषक तत्वों के उपयोग के बारे में कृषकों को अवगत करवाया गया।

गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए दी जानकारी : उप संचालक उद्यान सुरेश कुमार राठौऱ ने कृषकों द्वारा रोपित संतरा के पुराने बगीचे को विभाग द्वारा संचालित जीर्णोद्धार योजना का लाभ लेकर संतरा के पुराने बगीचों से गुणवत्तापूर्वक उत्पादन लेने के संबंध में जानकारी दी गई। जिन किसानों के संतरा बगीचों की उम्र 30 वर्ष से अधिक हो चुकी है, उन बगीचों के स्थान पर नए संतरा बगीचों का रोपण करने के लिए अपील की गई।

एक जिला एक उत्पाद योजना की दी जानकारी : उप संचालक उद्यान ने एक जिला एक उत्पाद अंतर्गत संतरा के प्रसंस्करण, विपणन, परिवहन के लिए शासन द्वारा संचालित किए जा कार्यों की भी जानकारी किसानों को दी। उल्लेखनीय है कि कई किसान संतरा बागीचों का व्यवस्थित प्रबंधन भी कर रहे हैं। कुछ बागीचों में अधिकारियों ने पहुंचकर कई किसानों से चर्चा की।

अंतरवर्ती फसलों की भी दी सलाह : विगत दो वर्षो से प्राकृतिक आपदाओं के कारण जिले के किसानों को संतरा अफलन की समस्या हुई है। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। ऐसे में बताया गया कि आर्थिक नुकसान को दूर करने के लिए रोपित बगीचों में अन्तर्वर्तीय फसल के रुप में हल्दी, अदरक, अश्वगंधा, मैथी आदि फसल लेकर आर्थिक नुकसान को दूर किया जा सकता है। अधिकारियों ने जिले के सभी संतरा उत्पादक कृषकों अपील भी की गई है कि अपने प्रक्षेत्र पर संतरा बगीचों को न काटें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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