शुजालपुर-शाजापुर। सोसायटियों को उर्वरक का वितरण समानता से करें। उर्वरक के वितरण के दौरान समुचित व्यवस्थाएं हों जिससे किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

उक्त निर्देश प्रदेश के स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) एवं सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री इंदरसिंह परमार ने शुक्रवार को शुजालपुर में उर्वरक के वितरण की समीक्षा के दौरान दिये। इस अवसर पर कलेक्टर दिनेश जैन, जिला विपणन संघ के प्रबंधक प्रवीण रघुवंशी, जिला सहकारी बैंक मर्यादित सीईओ केके रायकवार, सीएमएचओ डॉ. आर. निदारिया, उपसंचालक कृषि केपी यादव, अधीक्षण यंत्री विद्युत वितरण कंपनी पश्चिम क्षेत्र सुनील पटेल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व प्रकाश कस्बे, एसडीओपी वीएस द्विवेदी, डीई विद्युत वितरण कंपनी संदीप भायरे, तहसीलदार राकेश खजुरिया भी उपस्थित थे।

राज्यमंत्री परमार ने उर्वरक वितरण की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी सोसायटियों को समानता के साथ उर्वरक प्रदान करें। जिन सोसायटियों को उर्वरक कम मिला है वहां उर्वरक पहुंचाएं। राज्य मंत्री परमार ने कहा कि आगामी खरीफ फसल के लिए अभी से तैयारी करें। सोसाटियों में पहले से उर्वरक का भण्डारण रखें। उर्वरक वितरण के लिए किसानों को 3 भागों में विभक्त करें। पहले भाग में 2 हेक्टेयर तक के किसान, दूसरे में 2 से 7 हेक्टेयर तक तथा तीसरे भाग में 7 हेक्टयर से अधिक के किसानों को रखें। पूर्व से भण्डारित उर्वरकों का वितरण सीजन के पूर्व बड़े किसानों को कर दें। इसके लिए बड़े किसानों को सूचना पत्र जारी कर उर्वरक उठाने के लिए कहें। सीजन के दौरान छोटे किसानों को सबसे पहले उर्वरक दें। राज्यमंत्री ने सोसायटीवार किसानों की संख्या एवं रकबे की सूची बनाकर उर्वरक वितरण की प्लानिंग करने के लिए कहा। वर्तमान में 70 प्रतिशत यूरिया सोसायटियों के माध्यम से तथा 30 प्रतिशत उर्वरक निजी क्षेत्र के माध्यम से प्रदाय किया जा रहा है। निजी क्षेत्र से प्रदाय किये जाने वाले उर्वरक की मॉनिटरिंग करें। ग्रामीण क्षेत्रों में उर्वरक विक्रेताओं द्वारा यूरिया के साथ अन्य अनावश्यक उर्वरक प्रदान किये जा रहे हैं, इससे किसानों पर बिना वजह का आर्थिक बोझ हो रहा है, इस पर भी अनुविभागीय अधिकारी नजर रखें और ऐसे विक्रेताओं के विरूद्ध कार्रवाई करें।

साथ ही किसानों को उर्वरक के संतुलित उपयोग के लिए जागरूक करें। कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षित करने के लिए गांवों में सेमीनार आयोजित करें। किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से उर्वरकों एवं दवाईयों के छिड़काव के लिए कृषि विभाग किस फसल पर कितना उर्वरक एवं दवाईयों को उपयोग में लिया जाए, इसका चार्ट तैयार कर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचारित करें। जिले में अग्रिम रूप से उर्वरकों के भण्डारण के लिए क्षमता विकसित करें। पोचानेर में भी उर्वरक भण्डार गृह बनाए। साथ ही इफकों कंपनी द्वारा बनाए जा रहे तरल यूरिया का प्रचार-प्रसार कर के प्रति भी लोगों को जागरूक करें।

विद्युत वितरण की समीक्षा

राज्यमंत्री परमार ने इस अवसर पर शुजालपुर क्षेत्र में बंद ट्रांसफॉर्मस एवं विद्युत वितरण की समीक्षा की। उन्होंने विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री श्री पटेल को निर्देश दिये कि जिन क्षेत्रों में किसानों द्वारा ट्रांसफॉर्मस पर देय बकाया राशि की 10 प्रतिश राशि जमा करा दी हो, वहां विद्युत वितरण शुरू करा दें। साथ ही बकाया वसूली के लिए प्लानिंग भी करें।

पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का अवलोकन

कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के संभावित खतरे को दृष्टिगत रखते हुए सिविल हॉस्पिटल शुजालपुर में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए की जा रही तैयारियों का निरीक्षण राज्यमंत्री परमार ने किया। शुजालपुर सिविल हॉस्पिटल में हाल ही में 200 एलपीएम का पीएसए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है, इसका अवलोकन राज्यमंत्री परमार ने किया। इस दौरान कलेक्टर ने पीएसए प्लांट की सुरक्षा रखने तथा जनरेटर को बाउण्ड्रीवाल के अंदर करने के निर्देश दिये। राज्यमंत्री परमार ने अस्पताल का निरीक्षण कर कोरोना मरीजों के आने की स्थिति में उनके उपचार के लिए की जा रही तैयारी का निरीक्षण भी किया। यहां वार्डों में भर्ती मरीजों से भी राज्यमंत्री परमार ने चर्चा कर उपचार के बारे में जानकारी ली। एक मरीज पद्मकुमार जैन जो कि मधुमेह के मरीज हैं, ने बताया कि चिकित्सालय में अच्छा उपचार मिल रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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