प्रदीप अजमेरान आगर मालवा।

आगर मालवा जिले की पहचान बन चुके यहां के रसीले संतरे की खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर होती है। गत वर्ष मानसून अनुकूल रहा था। जिसके चलते जिले में संतरे का बम्पर उत्पादन हुआ। यदि इस बार भी मानसून ने साथ दिया तो अगले वर्ष संतरे का बम्पर उत्पादन होने की उम्मीद किसान व अधिकारी जता रहे हैं।

37 हजार 940 हेक्टेयर में होता है संतरा

जिले के किसानों का झुकाव धीरे-धीरे संतरे की खेती पर होता जा रहा हैं। वर्ष 2021-22 में 37 हजार 940 हेक्टेयर में संतरे का उत्पादन हुआ था। हालाकि गत वर्षों की तुलना में यहां आंकड़ा कम हैं। क्योकि पुर्व के वर्षों में जब संतरे के पौधों में अफलन की स्थिति हो गई थी, तो कई किसानों ने हजारों की संख्या में संतरे के पौधे काट दिए थे।

अब उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों व कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लेकर कई किसान खेती कर रहे हैं। जिसके कारण उत्पादन बड़ा हैं। अधिकारियों की माने तो इस वर्ष 6 लाख 82 हजार 920 मेट्रिक टन संतरे का उत्पादन हुआ था। कई किसानों का कहना हैं कि गत दो वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष अच्छी फसल आई थी।

मानसुन की अनुकुलता रही

तो होगा बम्पर उत्पादन

संतरे की खेती पुर्ण रूप से मानसुन पर निर्भर होती हैं। प्री-मानसुन आना इस खेती के लिए खतरे का संकेत हैं। गत वर्ष समय-समय पर बारिश होती रही, जिसके कारण समय पर फुल आए तथा समय पर पौधों में फल लगे और फल भी अच्छे पके तथा अच्छे किस्म का उत्पादन हुआ। उप संचालक उद्यान एसके राठौर का कहना हैं कि अभी संतरे के पौधों में तान दी जा रही हैं। प्री-मानसुन न आया व जुन मान में समय से बारिश आरम्भ हो गई तो पौधें में पर्याप्त मात्रा में फुल लगेंगे व बाद में बारिश की खेंच नही हुई तो फल भी अच्छा आएगा। राठौर ने यह भी उम्मीद जताई हैं कि इस बार फल अच्छा आएगा। किसानों को उद्यानिकी विभाग व कृषि वैज्ञानिकों से परामर्श लेते रहना चाहिए। ज्ञात हो कि आगर मालवा जिले का संतरा स्वादिष्ट तथा अच्छी क्वालिटी का होने के कारण कई क्षेत्रों में विशेष रूप से पंसद किया जाता हैं। जिले में म.प्र के अलावा दिल्ली व राजस्थान के व्यापारी आ कर संतरे की खरीदी करते हैं तथा आगर का संतरा दिल्ली, मुम्बई, लखनऊ, कलकत्ता आदि महानगरों के साथ ही बांग्लादेश व पड़ोसी देशों में भी भेजा जाता हैं। दो वर्ष पहले ग्राम झोटा निवासी किसान मांगू सिंह का संतरा बांग्लादेश गया था। ग्राम कुंडला के किसान शिव सिंह गुर्जर दिल्ली व अन्य महानगरों में अपना संतरा बेच चुके हैं। विदित हो कि संतरे का बम्पर उत्पादन होने के कारण आगर में एक जिला एक उत्पाद के अन्तर्गत संतरे की फसल को चुना गया हैं। सुसनेर व नलखेड़ा विकासखंड में 60 प्रतिशत से अधिक संतरे का उत्पादन होता हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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