शाजापुर। शहरी क्षेत्र से कुछ किमी दूरी पर स्थित लखुंदर नदी में जादमी बैराज पर देवी मूर्तियों का विसर्जन प्रारंभ हो गया है। गुरुवार को करीब आधा दर्जन मूर्तियों का विसर्जन किया गया। अधिकारियों के अनुसार आगामी दो दिनों तक विसर्जन का क्रम चलेगा। इसके चलते विसर्जन स्थल पर शनिवार तक सुरक्षा के इंतजाम रहेंगे। जिले में मूर्ति विसर्जन के दौरान पूर्व में युवकों के डूबने के हादसे सामने आ चुके हैं। इससे सबक लेकर प्रशासन द्वारा विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं, विसर्जन स्थल पर होमगार्ड, राजस्व और पुलिस की टीम तैनात की गई हैं।

प्रशासन द्वारा लखुंदर नदी जादमी बैराज पर विसर्जन के लिए स्थान तय किया है। यहां भी दस बाय दस के एक क्षेत्र में ही मूर्तियां विसर्जन की जा सकेंगी। अधिकारियों का कहना है ज्यादा क्षेत्र में विसर्जन होने से निगरानी नहीं हो पाती। जिससे हादसों का डर बना रहता है। वहीं नदी और पर्यावरण को भी नुकसान की संभावना रहती है। इसे देखते हुए स्थान तय किया गया है। स्थान चयन में हिंदु उत्सव समिति पदाधिकारियों से भी सुझाव लिए गए थे। एसडीएम शैली कनास खुद पदाधिकारियों के साथ विसर्जन स्थल चयन करने के लिए पहुंची थी। गुरुवार से विसर्जन प्रारंभ हो गया है, जो शनिवार तक चलेगा।

कलेक्टर-एसपी ने किया निरीक्षण

गुरुवार को कलेक्टर दिनेश जैन एवं एसपी पंकज श्रीवास्तव ने गुरुवार को प्रतिमा विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां तैनात टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों का भी जायजा लिया। कलेक्टर जैन ने कहा कि विसर्जन के दौरान दुर्घटना न हो इसके लिए बचाव के लिए दल सजग रहें। किसी भी व्यक्ति को मूर्ति विसर्जन के लिए पानी में नहीं जाने दें। नगरपालिका एवं होमगार्ड का दल ही पूरे रीति रिवाज के साथ मूर्ति विसर्जन करें।

गोताखोर भी रख रहे नजर

विसर्जन स्थल पर होमगार्ड के गोताखोर भी तैनात किए गए हैं। यह हर प्रतिमा विसर्जन के दौरान नजर रखते हैं, साथ ही युवकों को पानी में नहीं उतरने की सलाह देने के साथ रोकते-टोकते भी हैं। डिस्ट्रीक कमांडेंट होमगार्ड विक्रमसिंह मालवीय ने बताया कि विसर्जन स्थल पर संसाधनों के साथ होमगार्ड की टीम मौजूद है। विसर्जन के दौरान तय स्थान पर सैनिक और गोताखोर मौजूद रहते हैं। टीम के पास सुरक्षा एवं बचाव के सभी संसाधन मौजूद हैं। युवाओं को पानी में नहीं उतरने दिया जा रहा है।

संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानी

जिले में लंबे समय से कोरोना का एक भी मरीज सक्रिय नही है। ऐसे में लोग संक्रमण से बचाव के उपायों के प्रति लापरवाह हो गए हैं। जबकि विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर आने की संभावना जाहिर की है। ऐसे में संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि अभी भी मास्क लगाना जरूरी है। इन दिनों मौसमी बीमारियों के मरीज बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। मास्क का उपयोग हमें कोरोना के साथ अन्य बीमारियों से भी बचाता है। ऐसे में मास्क लगाएं और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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