आगर मालवा। विद्युत वितरण कम्पनी अन्तर्गत आने वाले एसटीसी के आगर उप संभाग में पदस्थ रहे कनिष्ठ यंत्री अमित पाटीदार को आखिर मप्र पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लि. इंदौर के मुख्य महाप्रबंधक ने निलंबित कर दिया। निलंबित करने के साथ ही कनिष्ठ यंत्री अमित पाटीदार का स्थानांतरण रतलाम किया गया है। ज्ञात हो कि जांच के दौरान पाटीदार आगर में पदस्थ थे, लेकिन बाद में उनका स्थानांतरण शाजापुर जिले के गुलाना विद्युत वितरण केंद्र में कर दिया गया था।

यह है मामला

एसटीसी आगर में पदस्थ रहे कनिष्ठ यंत्री पाटीदार पर करीब 6 माह पहले गंभीर आरोप लगे थे। 3 वर्षों से एसटीसी में पदस्थ पाटीदार पर विभाग की सामग्री ठेकेदारों को बेचने, फर्जी कर्मचारी दर्शाकर उनका वेतन निकाले जाने व रिश्तेदारों के नाम पर लेबर के बिल बना कर भुगतान प्राप्त करने तथा ठेकेदारों से राशि लेने के बाद ही पोल, ट्रांसफार्मर व अन्य विद्युत उपकरण दिए जाने तथा विद्युत सामग्री बदलने के मामले में अनियमितता करने जैसी शिकायते विद्युत वितरण कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारियों को मिली थी। जिसके बाद इन शिकायतों की जांच के लिए टीम बनाई गई थी। इस जांच टीम में कार्यपालन अभियंत्री स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया था। जांच दल के अधिकारियों ने पहले तो जांच में रूचि नही दिखाई, करोड़ों रूपये का घोटाला होने के बाद भी स्थानीय अधिकारी उसे काफी हल्के में ले रहे थे। जांच दल के सदस्य कार्यपालन अभियंत्री एसएस वर्मा जब आगर एसटीसी कार्यालय आ कर जांच कर रहे थे तो उनकी जांच प्रणाली पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहे थे। क्योंकि वर्मा पाटीदार को सामने बैठाकर जांच कर रहे थे तथा विभाग के अन्य कर्मचारियों का कक्ष में प्रवेश वर्जित कर दिया गया था। लगातार दो दिन तक वर्मा व जांच दल ने आगर में जांच की थी। लेकिन उनकी कार्यप्रणाली पर भी संदेह लोग व्यक्त कर रहे थे।

एसटीसी में हुए घोटाले व अनियमितता की जांच में की जा रही लापरवाही व लीपापोती की जानकारी लगने के बाद नईदुनिया ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। आगर पदस्थी के दौरान कनिष्ठ यंत्री पाटीदार के पास जयसिंह पुरा वितरण केंद्र का भी अतिरिक्त प्रभार था। जयसिंह पुरा डीसी का चार्ज रहने के दौरान पाटीदार ने म.प्र के बाहर राजस्थान के लोगों को भी अस्थाई कनेक्शन अवैध रूप से दे दिए थे। बतादे जयसिंह पुरा क्षेत्र के गांव के पास से राजस्थान की सीमा लगती हैं। जिसका फायदा उठाते हुए कनिष्ठ यंत्री पाटीदार ने राजस्थान के लोगों को

अस्थाई कनेक्शन दे दिए थे। इतना ही नही अवैध रूप से लाईन खड़ी की गई थी। विद्युत सामग्री प्रायवेट लोगों को बेचे जाने व बदली हुई सामग्री स्टोर में जमा न होने जैसे कई मामलें थे। अति विश्वसनिय सुत्र बताते हैं कि पाटीदार के आगर पदस्थी के दौरान करोड़ों का घोटाला हुआ था तथा जमकर अनियमितता बरती गई।

यह लिखा है आदेश में

बिजली कम्पनी के मुख्य महाप्रबंधक इंदौर द्वारा जारी किए गए आदेश में लिखा हैं कि अमित पाटीदार कनिष्ठ यंत्री गुलाना वितरण केंद्र शाजापुर सम्भाग को एसटीसी उप संभाग आगर में पदस्थी अवधि (जयसिंहपुरा वितरण केंद्र का अतिरिक्त प्रभार) में कार्य के दौरान गम्भीर अनियमितता किए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाता हैं। जब अप्रैल माह में पाटीदार के घोटाले व अनियमितता की जांच चल रही थी तभी नईदुनिया ने यह भी मुद्दा उठाया था कि उनके आगर में पदस्थ रहने से जांच प्रभावित होगी।

जिसके बाद पाटीदार का आगर से गुलाना स्थानांतरण कर दिया गया था। पाटीदार के द्वारा जो अनियमितता व घोटाले किए गए हैं, उस सम्बंध में कई लोगों का कहना हैं कि मामलें में और भी कठोर कानूनी कार्यवाही होनी थी। पाटीदार ने जो अनियमितता की हैं तथा जितनी राशि का घोटाला सामने आया हैं उसकी रिकवरी भी पाटीदार से की जानी चाहिए, तभी अन्य लोग भ्रष्टाचार करने के बजाएं शिष्टाचार से कार्य करेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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