शाजापुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बेटे की चाहत में नवजात बच्ची की हत्या करने वाली मां अब जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुकी है। उसके द्वारा किए गए इस क्रूर कारनामे ने मां जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित तो किया ही। एक हंसते-खेलते परिवार को भी उजाड़ दिया। चार दिन पहले जिस घर में नवजात की किलकारियां गुंजी थी, वहां अब सुबह-शाम सफाई या दिया जलाने वाला भी कोई नहीं है। दरअसल हत्या के मामले में आरोपित मंजू को जेल भेजा गया। उसके साथ डेढ़ साल की बेटी पायल भी जेल गई है। मां की करतूत के कारण एक बेटी की मौत हो गई, जबकि दूसरी का बचपन अब जेल में बीतेगा तो पति रायसिंह अपनी एक बेटी को हमेशा के लिए खोकर एक बेटी और पत्नी से सालों के लिए बिछड़ गया है।

नवजात बच्ची के शरीर पर जानलेवा जख्म से मौत के मामले में रविवार को पुलिस ने आरोपित मां मंजू को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने पर उसे जेल भेजने के आदेश जारी किए गए। शाम को मंजू को जेल दाखिल कि या गया। उसेक साथ डेढ़ साल की बेटी पायल भी है। आरोपिता ने बेटे की चाह में एक दिन की नवजात बेटी के शरीर पर दराते से वार किए थे, जिससे उसे गंभीर चोट आई थी।

ऑपरेशन और काफी उपचार के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद रविवार को मामला उजागर किया। पुलिस पूछताछ में आरोपित महिला ने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने हत्या में उपयुक्त दराता और खून से सनी गोदड़ी जब्त कर ली है। मोहन बड़ोदिया थाने में टीआई उदयसिंह अलावा व उनकी टीम ने मामले की जानकारी दी। टीआई अलावा का कहना है कि मामला रोंगटे खड़े करने वाला है। उनके जीवन में यह पहला ही मामला है जब कि सी मां ने अपने ही नवजात की ऐसे निर्मम हत्या कर दी।

मामले का खुलासा करने में टीआई अलावा के साथ ही एसआई दीपक धुर्वे, गुड्डी भिलाला, प्रआ जगदीश चौहान, रामप्रसाद, आरक्षक दीपक शर्मा, जितेंद्र, दिनेश दांगी, महिला आरक्षक प्रिया सिंह, आरक्षक चालक सुभाष दांगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महिला के कृत्य को लेकर हर ओर निंदा हो रही है। हर कि सी के मुंह से सिर्फ यही निकला कि आरोपिता ने मां जैसे पवित्र शब्द को कलंकि त कर दिया है। परिजन भी मामले से आहत हैं।

'लड़को चई रियो थो, जिससे मारी दी"

गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ले जाते वक्त आरोपित मंजू से मीडिया ने बात की तो उसके चेहरे या हाव-भाव में कि सी तरह का दुख, शिकन या पछतावा दिखाई नहीं दिया। उसने मीडिया को बताया कि उसे लड़का चाहिए था, इसलिए बेटी को मार दिया। मीडियाकर्मियों ने कहा कि हत्या करने से बेटा मिला क्या। इस पर वह चुप हो गई। थाने से कोर्ट ले जाते वक्त उसकी गोद में करीब ड़ेढ़ साल की बेटी पायल भी थी उसे भी मां के पाप की सजा बचपन जेल में बिताने के रूप में मिली है।

रायसिंह पर टूटा दुखों का पहाड़

मृत बच्ची के पिता रायसिंह का घटना के बाद से बूरा हाल। उस पर चारों ओर से दुखों का पहाड़ टूट गया है। 10 फरवरी को रायसिंह के पिता की मौत हो गई थी। इस घटना से ही वह उभरा नहीं था कि पत्नी द्वारा एक दिन की बेटी को जानलेवा जख्म दे दिए और 14 फरवरी को उसकी भी मौत हो गई। रविवार को हत्या के आरोप में पत्नी मंजू को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया। मंजू के साथ ड़ेढ़ साल की बेटी पायल भी जेल गई है। ऐसे में एक सप्ताह के अंदर ही राय सिंह का परिवार पूरी तरह टूटकर उजड़ गया है। इन हालातों ने उसे काफी धक्का दिया। जबकि अन्य परिजन पर बच्ची की हत्या को ज्यादा असर दिखाई नहीं दे रहा।

Posted By: Hemant Upadhyay