सारंगपुर(नईदुनिया न्यूज)। लगातार 20 दिन से बढ़ रही गर्मी का असर अब बधाों सहित आमजन की सेहत पर दिखने लगा है। सिविल अस्पताल में बुखार, उल्टी, दस्त और फेब्राइल सीजर (बधाों में तेज बुखार के साथ दौरे पड़ना) के शिकार बधो अधिक पहुंच रहे हैं। जिन्हें शिशु रोग विशेषज्ञ उपचार दे रहे है।

लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों की कमी समस्या सबसे बड़ी दिखाई दे रही है क्योंकि जहां ब्यावरा के शासकीय अस्पताल में 60 हजार की आबादी पर 9 डॉक्टर तैनात है और वह ओपीडी मात्र 200 से 300 है। लेकिन सारंगपुर क्षेत्र की 62 हजार आबादी पर शहर के अस्पताल में बीएमओ समेत 6 डॉक्टर ही नियुक्त है। जबकि यह 400 से 500 ओपीड़ी प्रतिदिन के अलावा हर रोज 150 से 200 आइपीडी यानि आपातकालीन मरीज पहुंचते है। इन 6 डॉक्टरों में से भी 3 डॉक्टरों को इमरजेंसी में हर समय मुस्तैद रहना पड़ता है। डॉक्टरों की कमी का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ता है लेकिन शासन द्वारा डॉक्टरों की नियुक्ति पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस संबंध में बीएमओ डॉ. मनीष चौहान का कहना है कि हमारे यहां डॉक्टरों के साथ-साथ अन्य स्टाफ की कमी से व्यवस्थाएं और बेहतर बनाने में हमें परेशानी झेलनी पड़ती है फिर भी हम अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर से बेहतर उपचार समय पर देने के प्रयास करते है। समय-समय पर डॉक्टरों की पदपूर्ति के लिए हम वरिष्ठ कार्यालयो में पत्र लिख चुके है। इस सीजन में मौसम के चलते मरीजों को उल्टी दस्त की शिकायते ज्यादा मिल रही है।

सिविल अस्पताल में 6 डॉक्टर,

इसमें भी दो करते हैं मनमानी

उल्लेखनीय है कि सारंगपुर सिविल अस्पताल में बीएमओ डॉ. मनीष चौहान, डॉ. अंकित पोरवाल, डॉ. अंकित यादव, डॉ. एसके खरे, डॉ. मीना खरे तथा डॉ. जयसिंह बद्येल नियुक्त है। इनमें से डॉ. पोरवाल, डॉ. बद्येल तथा डॉ. चौहान इमरजेंसी ड्यूटी देते है। जबकि शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित यादव बच्चों को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराते है। जबकि खरे दंपत्ति डॉ. एसके खरे और डॉ. मीना खरे के द्वारा अस्पताल में

अपनी मर्जी के अनुसार से कार्य करने की शिकायतें मिल रही है।

इस संबंध में डॉ. चौहान से जब चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायत मिली है और इसके संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। आगामी कार्रवाई वरिष्ठ स्तर से कराई जाएगी।

गर्मी से बचने पानी ज्यादा पीयें, बासी खाना न खाएं

पिछले दो सप्ताह से गर्मी काफी तेज हो गई है। आसमान से बरस रही धूप आग जैसी गर्मी का अहसास करा रही है। दिन के साथ ही रात के तापमान में बढ़ोत्तरी बनी हुई है। गर्मी और लू के चलते लोग उल्टी-दस्त और डायरिया का शिकार हो रहे हैं। सिविल अस्पताल की ओपीडी में गर्मी कारण होने वाले लोगों की भीड़ लग रहे हैं, साथ ही सामान्यतः खाली नजर आने वाले सामान्य वार्ड के सभी बेड पर मरीज नजर आ रहे हैं। वहीं गर्मी से बीमार होने से बचने के लिए डॉक्टर सावधानियां बरतने, बासी खाना और मसालेदार खाना खाने से बचने की सलाह दे रहे हैं। बीएमओ डॉ. मनीष चौहान का कहना है कि गर्मी के दिनों शरीर में पानी की कमी न होने दें, और जरुरत पड़ने पर ही घरों से निकलें। गर्मी से बचने पानी ज्यादा पीयें, बासी खाना न खाएं। सावधानी से सभी सुरक्षित रह सकते है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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