नलखेड़ा। गवली समाज ने वर्षों पुरानी परंपरा को निभाते हुए शरद पूर्णिमा पर राक्षस टेसू व झांझी के विवाह कि या। विवाह के बारे मे समाजिक मान्यता है की राक्षक टेसू द्वारा छल करते हुए देवी मां से विवाह का प्रयास कि या गया। जब समाज के लोगों को पता चला तो विवाह की रस्मों के मध्य में ही राक्षस का वध कर दिया गया। उक्त प्रथा को निभाने के लिए समाज के बच्चों ने विजयादशमी के एक दिन बाद मिट्टी से राक्षस टेसु की प्रतिमा का निर्माण कि या। इसके बाद रविवार को शरद पूर्णिमा तक विवाह का उत्सव मनाया गया। समाज के बच्चों ने घर-घर जाकर चंदा मागंते हुए मंगल गीत गाए। इसके बाद विवाह मंडल बनाया गया। परंपरानुसार विवाह की रस्मों के बीच ही टेसू का वध कर दिया गया। विवाह अधूरा रहने पर बच्चों ने खुशियां और प्रसादी का वितरण कि या।

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मंदिरों में की महाआरती

नलखेडा। नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शरद पूर्णिमा महोत्सव रविवार को मनाया गया। रात्रि में नगर में स्थित मां बगलामुखी मंदिर, चैथमलजी के मंदिर, बल्डावदा हनुमान मंदिर, गुप्तेश्वर महादेव, श्रीनाथधाम, मुखर्जी मार्ग स्थित श्रीराधाकृष्ण रणछोड़दास मंदिर, राठौर समाज श्रीराम मंदिर, श्रीखेड़ापति हनुमान मंदिर सहित ग्राम भैंसोदा, धरोला, गुदरावन, सेमली धाकड आदि ग्रामों में भगवान की आरती एवं पूजन कर प्रसादी का भोग लगाकर वितरण कि या गया।

बल्डावदा हनुमान मंदिर में महाआरती

शरद पूर्णिमा के अवसर पर बल्डावदा हनुमान मंदिर पर हनुमानजी का आकर्षक श्रृंगार कर महाआरती की गई। उक्त आरती में बड़ी संख्या मे भक्तों ने भाग लिया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर की आकर्षक विद्युत सज्जा की गई। हनुमान जी को चोला चढ़ाया गया। आरती के पश्चात महाप्रसादी का वितरण कि या गया। वहीं क्षेत्र के नगर बडागांव में भी प्रमुख मंदिरों में चांदनी रात में खीर बनाई गई व भगवान को भोग लगाकर प्रसादी का वितरण कर ग्रहण कि या गया।

13 एसजेआर 11ः बल्डावदा हनुमानजी का किया आकर्षक श्रृंगार।

Posted By: Nai Dunia News Network