शाजापुर-कालीसिंध। जिले के कालीसिंध नदी क्षेत्र के बाद अब पोलायकलां क्षेत्र में तेंदुए के मूवमेंट का मामला सामने आने की जानकारी आई है। ग्रामीणों में जंगली जानवर की दस्तक होने की जानकारी लगने पर भय का वातावरण बनने लगा। सूचना मिले पर वन विभाग व पुलिस की टीम क्षेत्र में पहुंची तथा सर्चिंग की। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें जंगली जानवरी के फुटमार्क भी दिखाए।

शाजापुर जिला तेंदुए को काफी रास आ रहा है, क्योंकि क्षेत्र में हिरण, नीलगाय जैसे वन्य प्राणी बड़ी तादात में है। बीते कुछ सालों में जिले में तीन बार तेंदुए की दस्तक हो चुकी है, जिनका की सफल रेस्क्यू भी किया जा चुका है। वहीं इस साल तेंदुआ का मूवमेंट एक बार फिर दिखाई दिया है। समीपस्थ देवास जिले के जंगल से तेंदुए के आने की संभावना है। दस दिनों से ज्यादा समय तक कालीसिंध नदी क्षेत्र में तेंदुए का मूवमेंट रहा। वन विभाग की टीम के सर्चिंग के दौरान एक बार तेंदुआ तेजी से दौड़ता हुई भी दिख चुका है। इस क्षेत्र में तेंदुए ने अब तक हिरण व नीलगाय का शिकार किया है। यहां के ग्रामीणों मे

तेंदुए का लेकर भय व्याप्त है। हालत यह है कि रात के समय खेतों में जाने पर ग्रामीण परहेज कर रहे हैं। हालांकि खेती किसानी के लिए उनका रात मे भी जाना मजबूरी है। तीन से चार दिनों से कोई मूवमेंट नजर नहीं आया था। इस दौरान रविवार को तेंदुए की दहशत पोलायकलां क्षेत्र में फैलने लगी। दरअसल, यहां पर तेंदुए की दस्तक को लेकर

चर्चा चल पड़ी है।

सर्चिंग टीम को दिखे फुटमार्क

जानकारी के अनुसार रविवार को ग्राम पोलायकला का वार्ड खाताखेड़ी में ग्राम वासियों द्वारा चौकी पोलायकला एवं वन विभाग शुजालपुर को तेंदुआ आने की सूचना दी गई। इस पर वन विभाग शुजालपुर से वन रक्षक राजेश जावरिया, चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह मेहता, आरक्षक वृंदावन ने ग्रामीणों के साथ खाता खेड़ी एवं नीम खेड़ी में सर्चिंग की। सर्चिंग के दौरान जंगली जानवर के पैर के निशान

पाए गए। फुटमार्क मिलने के बाद टीम द्वारा सर्चिंग लगातार की गई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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