बेहरावल। ग्रामीण क्षेत्र में जलसंकट दूर करने के लिए लाखों रुपये की लागत से गांव में नलजल योजना अंतर्गत पानी की टंकी बनी। योजना परवान तक पहुंचने के पहले ही अधर में लटक गई। बनाई गई पानी की टंकी प्यास बुझाने की बजाएं महज शोपिस बनकर रह गई है। इसमें बारिश में भी लोगों को पानी की व्यवस्था करने का संघर्ष करना पड़ता है।

लगभग आठ से दस हजार आबादी वाले गांव बेहरावल में 2003 में पीएचई विभाग द्वारा इस टंकी का निर्माण किया था। पीएचई विभाग ने नलजल योजना के तहत टंकी बनाने के साथ ही पाइप लाइन बिछाई थी। बाबजूद इसका लाभ ग्रामीण लोगों को नहीं मिला है। योजना के तहत बनी पानी की टंकी से पानी सप्लाई नहीं होने के कारण लोग कई साल से निजी बोर और हैंडपंप के सहारे ही प्यास बुझा रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि जब टंकी से पानी सप्लाई ही नहीं करना था, तो इसको बनाने में किस लिए लाखों रुपये खर्च किए। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। गांव में नलजल योजना का लाभ सुचारू रुप से नहीं मिल रहा है।

ग्रामीण मांगीलाल गामी का कहना है कि नल-जल योजना अधर में है। जिसका ग्रामीणों को कोई फायदा नही ंहुआ और पीने के पानी की कोई सुविधा नहीं की गई। संजय उज्जालिया ने बताया कि शासन की योजना तो मिली लेकिन ग्रामीणों को इसका लाभ आज तक नहीं मिला। ग्राम के सियाराम वरसैया का कहना है कि हमें लगा था की नल-जल योजना से पानी मिलेगा, लेकिन आज तक नहीं मिला। महेश वरसैया ने बताया कि वर्षो बीत चुके है, लेकिन पेयजल को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रामबाबू सेठ का कहना है कि योजना का लाभ नहीं मिल पाने से ग्रामीण परेशान है। जयनारायण गामी ने बताया कि नल जल योजना को काफी समय हो चुका है। पीएचई विभाग को योजना के बारे में ध्यान देना चाहिए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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