Panchayat Chunav Aarakshan MP : शाजापुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की अभी भले ही तारीख घोषित नहीं हुई हो लेकि न सोमवार को ग्राम पंचायत के सरपंच व पंच के आरक्षण की प्रक्रिया के साथ ही चुनावी गर्माहट महसूस की गई। सुबह 11 बजे से 358 ग्राम पंचायतों के सरपंच-पंच पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया शुरू हुई, जो रात 10 बजे बाद तक जारी रही। खासकर सरपंच के आरक्षण पर जिले के कांग्रेस-भाजपा नेताओं की नजरें टिकी रही। इस दौरान आरक्षण ने कई के समीकरण बिगाड़े और चुनाव लड़ने के अरमानों पर पानी भी फेर दिया। मंत्री हुकुमसिंह कराड़ा के गांव शादीपुरा से लेकर जिले की बड़ी ग्राम पंचायतें बेरछा, मोहन बड़ोदिया, दुपाड़ा, पनवाड़ी, बोलाई, सलसलाई, गुलाना, झोंकर, अवंतिपुर बड़ोदिया, अरनियाकलां, सुनेरा, तिलावद गोविंद, सुंदरसी, खड़ी आदि पंचायतें सुर्खियों में रही।

आरक्षण प्रक्रिया देर रात तक चलती रही। इस कारण प्रशासन की अधिकृत सूची जारी नहीं हो पाई लेकिन आरक्षण प्रक्रिया के दौरान मौजूद नेता-कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी लग गई। आरक्षण होते ही न सिर्फ समीकरण बिगड़े बल्कि बने भी। प्रारंभिक जानकारी अनुसार मंत्री कराड़ा के गांव शादीपुरा से अजजा वर्ग का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा। दुपाड़ा में अजा, गुलाना में अन्य पिछड़ा वर्ग तो सलसलाई, तिंगजपुर, मोहन बड़ोदिया, बिजाना आदि पंचायतों पर सभी के लिए रास्ते खुले हैं। ये पंचायतें अनारक्षित हुई हैं। अवंतिपुर बड़ोदिया में पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हुई। शाजापुर व कालापीपल जनपदों की पंचायतों में भी आरक्षण प्रक्रिया की गई। देर रात तक अधिकृत सूची जारी नहीं हुई। सिर्फ नेताओं की मौखिक जानकारी से ही नेता-कार्यकर्ता जीत-हार के समीकरण बैठाते रहे।

किस वर्ग की कितनी पंचायतें

358 सरपंच के पद के लिए आरक्षण की कार्रवाई हुई। इसमें 89 ग्राम पंचायतें अनुसूचित जाति वर्ग, 10 अनुसूचित जनजाति वर्ग, 89 अन्य पिछड़ा वर्ग एवं 170 ग्राम पंचायतें अनारक्षित वर्ग के लिए आरक्षित की गई। इनमें महिलाओं के लिए कि ए गए आरक्षण के अनुसार 45 ग्राम पंचायतें अनुसूचित जाति वर्ग, पांच अनुसूचित जनजाति वर्ग, 45 अन्य पिछड़ा वर्ग एवं 86 अनारक्षित वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। जिपं सीईओ शिवानी वर्मा सहित कलेक्टर द्वारा बनाए गए नोडल अधिकारी के रूप में जनपदत सीईओ शाजापुर मनीष भारद्वाज, मोहन बड़ोदिया सीईओ एचएल वर्मा, शुजालपुर सीईओ नितिन भट्ट व कालापीपल सिद्धगोपाल वर्मा, तहसीलदार शाजापुर सत्येंद्र बैरवा, मोहन बड़ोदिया डॉ. मुन्ना अड़, शुजालपुर रमेश सिसौदिया, कालापीपल राजाराम करजरे भी उपस्थित थे। एसडीएम यूएस मरावी भी पूरे समय उपस्थित रहकर आरक्षण प्रक्रिया पर नजरें रखे रहे। पुराने आरक्षण के आधार एवं गोटी डालकर आरक्षण प्रक्रिया हुई। इसकी बकायदा वीडियोग्राफी भी कराई गई।

चार जनपदों की यह स्थिति

शाजापुर : 106 ग्रापं के लिए हुए आरक्षण में 30 अनुसूचित जाति, दो अनुसूचित जनजाति, 26 अन्य पिछड़ा वर्ग एवं 48 अनारक्षित वर्ग के लिए आरक्षित। महिलाओं के लिए कि ए गए आरक्षण के अनुसार 15 ग्रापं अनुसूचित जाति, एक अनुसूचित जनजाति, 13 अन्य पिछड़ा वर्ग व 24 अनारक्षित वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हुई।

मोहन बड़ोदिया : 104 ग्राम पंचायतों के लिए कि ए गए आरक्षण अनुसार 28 अनुसूचित जाति, छह अनुसूचित जनजाति, 26 अन्य पिछड़ा वर्ग व 44 अनारक्षित। इनमें महिलाओं के लिए 14 अनुसूचित जाति, तीन अनुसूचित जनजाति, 13 अन्य पिछड़ा वर्ग व 22 अनारक्षित वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित।

शुजालपुर : 71 ग्रापं के लिए कि ए गए आरक्षण अनुसार 17 पंचायतें अनुसूचित जाति, एक अनुसूचित जनजाति, 18 अन्य पिछड़ा वर्ग व 35 अनारक्षित वर्ग के लिए आरक्षित की गई। 37 पंचायतें महिलाओं के आरक्षित।

कालापीपल : 77 ग्राम पंचायतों के लिए कि ए गए आरक्षण अनुसार 14 अनुसूचित जाति, एक अनुसूचित जनजाति, 19 अन्य पिछड़ा वर्ग एवं 43 अनारक्षित वर्ग के लिए आरक्षित की गई। इनमें महिलाओं के लिए कि ए गए आरक्षण के अनुसार सात ग्रापं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए एक भी नहीं, 10 अन्य पिछड़ा वर्ग व 22 अनारक्षित वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है।

भाजपा-कांग्रेस के नेताओं की रही नजर

आरक्षण प्रक्रिया में भाजपा व कांग्रेस के नेताओं की नजरें टिकी रही। खासकर बड़े गांवों पर जोर रहा। कई वरिष्ठ नेताओं के पास आरक्षण प्रक्रिया को लेकर फोन भी आते रहे। दरअसल, आरक्षण की प्रक्रिया से जिनके अरमानों पर पानी फिरा, वे मायूस दिखें और अपने आकाओं के पास पहुंचते रहे।

आगर-मालवा में कई पंचायतों में उलटफेर

आगर-मालवा (नईदुनिया न्यूज)। मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन उपरांत ग्राम पंचायतों के पंच-सरपंच पद के आरक्षण की कार्रवाई 27 जनवरी को जिला मुख्यालय पर जिला पंचायत के नवीन भवन में की गई। जिले के समस्त विकासखंड क्षेत्र की पंचायतों का आरक्षण यहां किया गया। ऐसे में दिनभर बड़ी संख्या में ग्रामीण नेताओं का जमघट लगा रहा। आरक्षण के बाद कई पंचायतों में उलटफेर हुआ है। इससे जहां कई मौजूदा सरपंचों के चेहरे पर मायूसी छा गई वहीं कई के चेहरे खिल उठे।

आगर व बड़ौद विकासखंड की पंचायतों की आरक्षण प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम से एसडीएम एमएस कवचे और सुसनेर व नलखेड़ा विकासखंड क्षेत्र की पंचायतों का आरक्षण एसडीएम मनीष जैन के मार्गदर्शन में किया गया। जानकारी अनुसार आगर क्षेत्र की 71पंचायतों में सरपंच पद के लिए हुए आरक्षण में ग्राम पंचायत बापचा आगर अनारक्षित, सालरी ओबीसी, अहीरबर्डिया अजा, बीजनाखेड़ी ओबीसी महिला, आवर अनारक्षित, लाडवन ओबीसी महिला, ढोटी अनारक्षित, जमुनिया आगर अनारक्षित महिला, पालड़ा अजा, पचोरा अनारक्षित, पालखेड़ी अनारक्षित, भादवा ओबीसी, भ्याना ओबीसी महिला, नान्याखेड़ी अहीर ओबीसी महिला, मलवासा अजा महिला, सुमराखेड़ी ओबीसी महिला, झलारा आगर ओबीसी, जैतपुरा अनारक्षित महिला, घुराश्या अनारक्षित, चकबडाबीड़ जगतपुरा ओबीसी महिला, खांकरी अनारक्षित महिला, सामगीमाना अजजा महिला, पिपलोनकलां अनारक्षित महिला, पिपलोन खुर्द अजा, हडाई अनारक्षित, थडोदा अनारक्षित महिला, तनोड़िया अनारक्षित महिला, खीमाखेड़ी ओबीसी, रणायरा राठौर अनारक्षित महिला, गाता ओबीसी, बाजना ओबीसी, घानीखेड़ी अनारक्षित, पचेटी ओबीसी, हरगनखेड़ी अनारक्षित महिला, मथुराखेड़ी अनारक्षित महिला, राघोगढ़ अजा महिला, सोनचिढ़ी अजा महिला, सनावदा अनारक्षित महिला, चांदनगांव अनारक्षित, सूतड़ा ओबीसी महिला, फतेहपुर मेढ़की अजा, ठिकरिया अनारक्षित महिला, महुड़िया आगर अनारक्षित, नरवल अनारक्षित महिला, भीमलोद उर्फ पांचारूण्डी ओबीसी, निपानिया बैजनाथ ओबीसी महिला, कसाई देहरिया अजा महिला, परसूखेड़ी ओबीसी, पिपल्याकुमार अनारक्षित, शिवगढ़ अनारक्षित, रामपुर भुण्डवास अजा, गूंदीकलां अजा महिला, चाचाखेड़ी अजा, आमला आगर अनारक्षित महिला, मालीखेड़ी अनारक्षित, चिकलीगोयल अनारक्षित, सेमली अनारक्षित महिला, राजाखेड़ी कुमार अनारक्षित, बटावदा अनारक्षित महिला, काशीबर्डिया ओबीसी महिला, सुल्तानपुरा अजा, लखमनखेड़ी अजा, उमरियादेवड़ा अजा महिला, माणकपुर अजा महिला, लिंगोड़ा अजा महिला, नानूखेड़ी मीणा अजा, बड़गोन अजा, दौड़खेड़ी अजा महिला, कलमोई अजा महिला, कड़िया अजा महिला, सनादी अजा।

Posted By: Nai Dunia News Network