- जिले में 42 हजार कि सानों के पास सिंचाई कनेक्शन, इनमें हर कोई कि सान योजना का लाभ उठा सकें गे

शाजापुर। जिले में दो माह बाद रबी सीजन की शुरुआत होगी। सीजन में कि सान गेहूं-चना जैसी फसलों की बुआई करेंगे। इस दौरान कि सान सिंचाई भी करेंगे लेकि न कई बार कि सान अपने तय कनेक्शन के लोड से ज्यादा क्षमता से पंप चलाते पाए जाते हैं। ऐसे में उन पर कार्रवाई होती है। कि सान लोड में बदलाव इसलिए नहीं करा पाते क्योंकि इसके लिए शुल्क चुकाना होता है लेकि न अब शासन ने नियमों में बदलाव करते हुए कि सानों को राहत दे दी है। लोड में परिवर्तन कराने के लिए कि सानों को कोई शुल्क भी नहीं देना होगा। योजना का लाभ जिले के 42 हजार कि सान उठा सकें गे।

क्षेत्र में मानसून की मेहरबानी से लोगों के चेहरे खिले हुए हैं। जलस्रोतों में पानी की आमद होने से सालभर पीने की समस्या दूर हो गई है तो दूसरी ओर सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलें लहलहा रही है। कि सान इसलिए भी प्रसन्न है कि आने वाले रबी सीजन के लिए उन्हें फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था मिल जाएगी। जिले के अधिकांश कि सान विद्युत कनेक्शनों के माध्यम से पंप चलाकर सिंचाई करते हैं। जिले के शाजापुर एवं शुजालपुर संभाग मिलाकर 41 हजार से ज्यादा कि सानों के पास सिंचाई कनेक्शन हैं। इन कि सानों के लिए लोड परिवर्तन निशुल्क कराने की सुविधा की योजना लागू की है।

कि सानों को अब यह करना होगा

लोड बढ़वाने के लिए कि सानों को बिजली कंपनी के दफ्तर में मात्र आवेदन करना होगा। यह आवेदन सहमति के साथ कि सान अपने क्षेत्र के संबंधित लाइनमैन या बिजली कंपनी में दे सकें गे। इसके बाद निशुल्क ही लोड बढ़वाने की प्रक्रिया कंपनी द्वारा की जाएगी। यदि कोई कि सान तीन हॉर्स पावर के विद्युत पंप कनेक्शन को बढ़ावाकर उसे पांच एचपी करता है तो उसे अब तक अतिरिक्त दो हॉर्स पावर के 1600 रुपए तक शुल्क देना होता था लेकि न यह शुल्क कि सान को नहीं लगेगा। इस तरह अलग-अलग हॉर्स पावर के कनेक्शनों के बदलाव के लिए कि सानों को 1600 से 5000 रुपए तक विद्युत भार लिया जाता रहा है लेकि न अब यह व्यवस्था निशुल्क कि ए जाने कि सान लाभांवित होंगे। उल्लेखनीय है कि भार वृद्धि के दौरान सप्लाई कनेक्शन चार्ज, सुरक्षा निधि आदि चुकाना होती थी। जानकारी के अनुसार यदि कि सी कि सान के यहां तीन एचपी का कनेक्शन है और सीजन के समय बिजली कंपनी की टीम को निरीक्षण के दौरान पांच हॉर्स पावर की मोटर चलती मिली तो मामले में प्रकरण बनाया जाता है। संबंधित कनेक्शनधारी कि सान पर एक साल का ऊर्जा प्रभार एवं अन्य प्रभार दोगुनी दर से वसूले जाते हैं लेकि न अब निशुल्क कनेकन का लोड़ बढ़वाकर कि सान बिजली कंपनी की कार्रवाई से भी बचेगा।

कि सानों को मिलेगी राहत

- कृषि सिंचाई पंपों का भार परिवर्तन निशुल्क में कराने की सुविधा वाली योजना विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लागू कर दी गई है। कि सान मुफ्त में योजना का लाभ लेकर सीजन के समय होने वाली असुविधा से बच सकते हैं। -आरके राजलवाल, कार्यपालन यंत्री शाजापुर

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