शाजापुर एक प्राचीन बस्ती रही है जो खाकराखेड़ी के नाम से जानी जाती थी, कालांतर में शाहजहां द्वारा मुगल काल में एक परकोटा बनाकर सेना को छावनी बनाई, जो वर्तमान में किले के नाम से जाना जाता है। मुगल काल में ही चार दरवाजे स्थापित कर एक व्यवसायिक बस्ती का निर्माण किया गया था। बाद में यह शाजापुर के नाम से जानी जाने लगी। जब विस्तार हुआ तो चारों दरवाजों से निकलने वाले मार्ग किला रोड, सोमवारिया बाजार एवं कसेरवाड़ी तथा मीरकला के नाम से जाने जाने लगे। जहां बस्ती एवं बाजार का निर्माण हुआ।

शाजापुर शहर की बात करें तो यहां पर काफी कुछ विकास हुआ है। एक समय जब में नईसड़क नीलम लाज वाले भवन में रहता था तब यदि एक साबुन भी खरीदना होती तो चौक बाजार में आना होता था। पूरी नई सड़क खाली पड़ी हुई थी। जहां एक भी व्यवसायिक दुकान अथवा प्रतिष्ठान नहीं था। शहर में मात्र दो से तीन कार एवं चार से पांच मोटरसाइकिल स्कूटर थे। सड़कों पर चहल-पहल कम ही रहती थी। लोगों के आवागमन के लिए तांगे की व्यवस्था थी। जिससे लोग एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाते थे। बस स्टैंड भी चौक बाजार में था। जहां मात्र चार पांच बसें दिन भर में आती जाती थी। स्टेट बैंक ऑफ इंदौर जहां वर्तमान में है वहां सब्जी मंडी हुआ करती थी। उसके सामने मेहताजी की मिठाई की एक प्रसिद्ध दुकान थी जहां की मिठाईयां बहुत प्रसिद्ध थी। मेरे मामा आदरणीय राधेलाल व्यास मध्य भारत के प्रथम मंत्रिमंडल में मंत्री थे। लगातार तीन कार्यकाल तक उज्जैन के सांसद रहे। जब वे मंत्री पद पर रहते हुए कार से शाजापुर आते थे तो तब शहर के बाहर कार से उतर कर अपना बैग हाथ में लेकर पैदल शहर के अंदर आते थे। उनका कहना था कि यहां मेरे सहपाठी है और मैं यदि कार से शहर में आऊंगा अच्छा नहीं लगेगा। वहीं शाजापुर में शिक्षा की बात करें तो वर्तमान में निजी विद्यालयों की संख्या बड़ी है। परंतु शासकीय तकनीकी महाविद्यालय एवं चिकित्सा महाविद्यालय का अभाव है। जबकि अन्य जिलों में इस प्रकार की विद्यालय शासन द्वारा खोले गए हैं अत? इन विद्यालयों को खुलवाने के लिए प्रयास करना चाहिए। जिले में कृषि के क्षेत्र ने अलग पहचान बनाई है। यहां पर विशेषकर उद्यानिकी फसलों की बात करें तो संतरा, आलू, प्याज आदि फसलें देश भर में प्रसिद्ध है। यहां के किसान भी काफी मेहनती हैं, नई-नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन भी बेहतर लेने लगे हैं। इसलिए यहां पर कृषि महाविद्यालय की आवश्यकता महसूस होती है।

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