पट्टी बना दें----

-देव व दानवों में होगा वाकयुद्ध, 24 नवंबर को दशमी को रात 12 बजे होगा कंस का वध-

शाजापुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कंस वधोत्सव का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। कंस वधोत्सव के पहले पारंपरिक वेशभूषा पहने हुए देव व दानवों के बीच चुटीले संवादों के साथ वाकयुद्ध होगा। इसके बाद रात 12 बजते ही श्रीकृष्ण द्वारा कंस का वध किया जाएगा। हालांकि कोरोना संकट के चलते इस बार चल समारोह नहीं निकला जाएगा।

दीपावली के बाद आने वाली कार्तिक दशमी को शहर में कंस वधोत्सव का आयोजन किया जाता है। देव व दानवों के पात्र निभाने वाले कलाकार भी अपने डायलॉग तैयार करने में जुट गए हैं। संदूक में रखी पारंपरिक वेशभूषा को भी निकाल लिया गया है। इधर समिति द्वारा कार्यक्रम को लेकर विगत कई दिनों से तैयारियां की जा रही है। कंस चौराहा पर कंस के पुतले को विराजित किया जा चुका है। आयोजन का यह 266 वां वर्ष है। लेकिन इस पर्व पर भी कोरोना का साया पड़ रहा है। दरअसल, हर साल वाकयुद्ध के लिए देव व दानवों के पात्र कर रहे कलाकारों को बालवीर हनुमान मंदिर से वाहनों में बैठकार जुलूस निकाला जाता रहा है लेकिन इस बार कोरोना संकट के चलते ऐसा नहीं हो पाएगा। 24 नवंबर की रात देव व दानव बने कलाकार सीधे सोमवारिया बाजार आएंगे। इसके बाद वाकयुद्ध शुरू होगा। रात को श्रीकृष्ण बने कलाकार कंस का वध करेंगे। इस दौरान गवली समाजजन पुतले को लाठियों से पीटते हुए ले जाएंगे। कंस वधोत्सव समिति के तुलसीराम भावसार ने बताया मथुरा के बाद शाजापुर में यह आयोजन मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि कंस दशमी के दिन रात 10 बजे कंस चौराहा सोमवारिया बाजार में देव व दानवों के बीच वाकयुद्ध शुरू होगा। रात 12 बजते ही कंस वध किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर समिति के सभी लोग तैयारियों में जुटे हुए हैं।

266 वर्ष पुरानी पंरपरा

कंस वध की परंपरा अन्याय व अत्याचार पर जीत के प्रतीक के रूप में मनाई जाती है। बताया जाता है कि गोवर्धननाथ मंदिर के मुखिया स्व. मोतीराम मेहता ने करीब 266 वर्ष पूर्व मथुरा में कंस वधोत्सव कार्यक्रम होते देखा और फिर शाजापुर में वैष्णवजन को अनूठे आयोजन के बारे में बताया। इसके बाद से ही परंपरा की शुरुआत हो गई। करीब 100 वर्ष तक मंदिर में ही आयोजन होता रहा किंतु जगह की कमी के चलते इसे कंस चौराहे पर करने लगे। आयोजन में शाजापुर समेत बाहरी जिलों से भी लोग शामिल होते हैं।

फोटो 21 एसजेआर 11

कैप्शन-सोमवार बाजार में विराजित कंस का पुतला।

Posted By: Nai Dunia News Network

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