नईदुनिया प्रतिनिधि, आगर मालवा। देश की सीमा की रक्षा का संकल्प लेकर भारतीय सेना में 11 साल पहले भर्ती हुए आगर मालवा जिले के दिवानखेड़ी का रहने वाला वीर सपूत शुक्रवार रात असम के गुवाहाटी के पास शहीद हो गया। पहाड़ी इलाके की सड़क दुरूस्त करने के दौरान डोजर (जमीन को समतल करने वाली मशीन) के असंतुलित होने से बनवारी लाल के खाई में गिरने से यह हृदय विदारक हादसा हुआ। हादसे की जानकारी लगने के बाद सुसनेर एसडीएम सोहन कनास प्रशासनिक अमले के साथ दिवानखेड़ी पहुंचे। फौजी के शहीद होने की सूचना के बाद परिवार व गांव में शोक छा गया।

शाम 4:30 बजे हुआ था हादसा

सुसनेर एसडीएम कनास से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम दिवानखेड़ी के बनवारीलाल राठौर सेना में अपनी सेवा दे रहे थे। वर्तमान में नायक के पद पर कार्यरत राठौर इंजीनियरिंग रेजिमेंट से जुड़े थे। शुक्रवार को शाम 4.30 बजे पहाड़ी इलाके में वीआइपी मूवमेंट के पहले सड़क पर गिरी मिट्टी को हटाने के दौरान डोजर असंतुलित हो गया था। डोजर में बैठे बनवारी लाल बचने के लिए खाई में कूद गए थे। 300 से 400 फीट गहरी खाई में गिरने के कारण बनवारीलाल गम्भीर रूप से घायल हो गए, जिन्हे साथ चल रही एंबुलेंस में प्राथमिक उपचार देने के बाद घटना स्थल से 22 किलोमीटर दूर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रात 8.30 बजे इलाज के दौरान इस वीर सपूत ने दुनिया को अलविदा कह दिया।

घटना की जानकारी लगने पर सुबह सुसनेर एसडीएम कनास प्रशासनिक अमले के साथ ग्राम दिवानखेड़ी पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों से मुलाकात की। साथ ही मुक्तिधाम का जायजा लेकर पहुंच मार्ग की अव्यवस्थाएं ठीक करवाई। जानकारी के अनुसार फौजी का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए रविवार को दिवानखेड़ी पहुंच सकता हैं। यह भी पता चला हैं कि गुवाहाटी का मौसम काफी खराब हैं। इसलिए पार्थिव शरीर लाने में विलंब भी हो सकता हैं।

दो पुत्र हैं बनवारी के, छोटा बेटा 8 माह का

आगर जिले के सुसनेर विकासखंड के रहने वाले बनवारीलाल राठौर के पिता रामदयाल राठौर ग्राम के पूर्व सरपंच हैं, बनवारी लाल उनका इकलौता पुत्र था। सन 2010 में भारतीय सेना में भर्ती हुए बनवारी लाल की 3 मार्च 2013 को सुनीता राठौर से शादी हुई थी। शहीद बनवारीलाल के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा हर्ष मात्र 5 साल का है, तो छोटा बेटा जिगर केवल 8 माह का ही है।

Posted By: Prashant Pandey

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