शुजालपुर। शा जेएनएस स्नाकोत्तर महाविद्यालय के विधि विभाग ने अधिवक्ता दिवस के उपलक्ष में शुक्रवार को कार्यक्रम आयोजित किया। अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य राजेश कुमार शर्मा ने की। मुख्य अतिथि पुलिस विभाग के एसडीओपी विजयशंकर द्विवेदी व विशेष अतिथि बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय पालसिंह जादौन,वरिष्ठ अधिवक्ता हिम्मतसिंह परमार व जितेंद्र गुरेनिया थे। कार्यक्रम की शुरूआत में भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ.राजेंद्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण किया गया।

अधिवक्ता परमार ने अपने उद्बोधन में न्यायालय में चलने वाले आपराधिक प्रकरण की कार्यवाही को समझाया। जादौन ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पूर्व से लेकर वर्तमान तक अधिवक्ता समुदाय की देश के विकास में अहम भूमिका रही है। आज भी हर अधिवक्ता यथा संभव देश की उन्नति में अपना योगदान दे रहा है। गुरेनिया ने अधिवक्ता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए डॉ.राजेंद्र प्रसाद की तरह सादगी से परंतु ज्ञानवान बने रहने की बात कही।

मुख्य अतिथि द्विवेदी ने अपने उदबोधन में संज्ञेय व असंज्ञेय मामलों की प्रक्रिया एवं उन पर पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्यवाही के बारे में बताया, साथ ही पुलिस अन्वेषण तथा कार्यवाही के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को भी समझाया, वहीं पुलिस द्वारा सामान्य रूप से अनुभव की जाने वाली समस्याओं के बारे में चर्चा की। यह भी कहा कि विधि के छात्रों को विषय के समग्र अध्ययन करना चाहिए,ताकि वे किसी भी प्रकरण को ठीक प्रकार से समझ कर काम कर सकें। विभाग की विभागाध्यक्ष ऋतु त्रिवेदी ने कहा कि स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ.राजेंद्र प्रसाद की जयंती को राष्ट्रीय अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाया जाता है। एक अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ होता है। इस अवसर पर विधि के छात्रों को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे योग्य एवं ईंमानदार अधिवक्ता बनेंगे। प्राचार्य डॉ. शर्मा ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हर क्षेत्र की अपनी एक विशेष भाषा होती है,उसी प्रकार विधि की भी अपनी एक भाषा है। विधि भी अन्य विषयों की तरह एक निश्चित प्रक्रिया का पालन करती है। सामान्य जनता इस प्रक्रिया से अनभिज्ञ होने के कारण व्यवस्था को दोष देती है,अतः विधि के ज्ञान को फैलाने की जरूरत है। महाविद्यालय का विधि विभाग इस दिशा में उपयुक्त कार्य कर रहा है। इस कार्यक्रम के संयोजक विधि विभाग के प्राध्यापक राजकुमार साहू थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ.संजयकुमार मिश्रा ने किया व आभार कृष्णवल्लभ विश्वकर्मा ने माना।

Posted By: Nai Dunia News Network

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