शुजालपुर। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा शनिवार को फैसला सुनाए जाने के दिन 4 युवकों ने शहर में भाईचारे की मिसाल कायम की है। युवकों के इस काम की सभी वर्ग के लोगों ने मुक्‍त कंठ से तारीफ की है। लोगों ने इस योगदान को अनुकरणीय बताया है।

डेंगू रोगी चित्तौड़ा निवासी जगन्नाथ को प्लेट लेट कम होने पर अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। उनके उपचार के दौरान रक्‍त की आवश्‍यकता हुई तो सोशल मीडिया पर संदेश चलाया गया।

मिली जानकारी के अनुसार इन युवकों ने अपने मोबाइल पर मैसेज देख कर जरूरतमंद व्यक्ति के पास पहुंचकर रक्‍त की आवश्यकता की पूर्ति की। इससे युवक के उपचार में मदद मिली।

अकोदिया नाका निवासी रईस भाई, खलील भाई, जसमीत सिंह राजपाल तथा सोनू मसीह ने रक्तदान कर सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की ।हिंदू युवक को मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के युवकों ने खून देकर सांपद्रायिक सद्भाव का अनूठा उदाहरण पेश किया।

इस अनूठे प्रयास को देखकर मरीज के परिजन भी गदगद हो गए और उन्होंने रक्तदाता भाइयों को फूलों की माला पहनाकर रविवार को अस्पताल में ही स्वागत किया और अपने गले लगा लिया।

डेंगू रोगी चित्तौड़ा निवासी जगन्नाथ को प्लेट लेट कम होने पर अकोदिया नाका निवासी रईस भाई, खलील भाई, जसमीत सिंह राजपाल तथा सोनू मसीह ने रक्तदान कर सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की ।

Posted By: Hemant Upadhyay