बीएलओ, मोबाइल हैंडसेट और सर्वर ने बढ़ाई मुश्किलें, तीन दिन में 91 प्रश काम संभव नहीं

शाजापुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले में कु ल 6.32 लाख से अधिक मतदाताओं के सत्यापन के लिए जिला प्रशासन ने ऐढ़ी-चोंटी का जोर लगा दिया है लेकि न अब तक सिर्फ नौ प्रतिशत यानी 53 हजार 847 मतदाताओं का सत्यापन ही सका है जबकि 15 अक्टूबर तक सत्यापन का कार्य पूर्ण करना है। इस दिन मतदाता सूची प्रारुप का प्रकाशन होगा लेकि न तीन दिन में 91 प्रतिशत काम पूरा होना संभव नहीं दिखाई दे रहा है। बीएलओ की मनाही, मोबाइल हैंडसेट में फिचर्स व सर्वर की समस्या ने इस काम में मुसीबतें खड़ी की। कलेक्टर डॉ. वीरेंद्रसिंह रावत ने जिला पंचायत सीईओ से लेकर दोनों एसडीएम व डीईओ तक को स्मरण पत्र थमाए। बावजूद इसके कोई फायदा नहीं हुआ।

मतदाता सत्यापन का कार्य एक सितंबर से शुरु हुआ था। कु ल 42 दिन में नौ प्रतिशत सत्यापन पूर्ण हो सका है। शुरुआत में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) ने शैक्षणिक कार्य प्रभावित होने का हवाला देकर निर्वाचन से जुड़े कार्य नहीं करवाए जाने का मन बनाया। हालांकि , उन्हें नहीं हटाते हुए बीएलओ कार्य भी सौंपे गए। इस कारण कइयों ने मन लगातार सत्यापन का कार्य नहीं कि या और शुरुआत में ही जिला सत्यापन में पिछड़ता रहा। इसके बाद मोबाइल हैंडसेट एवं सर्वर ने समस्या पैदा की। लिहाजा, समय बीतता गया और सत्यापन के कार्य में काफी पिछड़ गए।

लेटेस्ट मोबाइल हैंडसेट, इंटरनेट से सर्वर समस्या

जिले में कु ल 836 बीएलओ हैं। सभी के पास एंट्राइड मोबाइल हैंडसेट है। सत्यापन कार्य मोबाइल के माध्यम से ही कि या जा रहा है लेकि न लेटेस्ट वर्जन के मोबाइल हैंडसेट ही चाहिए। वहीं एक कंपनी के हैंडसेट पर एप काम नहीं कर पाता। दूसरी ओर एप पर इंटरनेट भी धीमा चल रहा जबकि सर्वर समस्या भी है। इस कारण सत्यापन का कार्य पिछड़ता गया। ऐसा नहीं है कि शाजापुर जिला ही सत्यापन कार्य में पिछड़ा हो। प्रदेश के कई जिले पिछड़े हैं।

कहां, कि तना सत्यापन

विधानसभा मतदाता सत्यापन हुआ प्रतिशत

शाजापुर 2,25603 16,486 7.0

शुजालपुर 1,99827 19,523-9.0

कालापीपल 2,06682 17,838 8.0

कु ल 6,32112 53,847 9.0 प्रश

स्रोत : जिला प्रशासन के अनुसार।

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इसलिए कर रहे सत्यापन कार्य

जिले की तीनों विधानसभा शाजापुर, शुजालपुर व कालापीपल में कु ल छह लाख 32 हजार 112 मतदाता हैं। इनमें से 53 हजार 847 मतदाताओं का सत्यापन हो चुका है जबकि शेष का तीन दिन में करना है। सत्यापन करने के पीछे ऐसे मतदाताओं की पहचान करना, जो विधानसभा से बाहर जा चुके हैं या फिर नए आए हो। वहीं एक जनवरी 2020 को 18 वर्ष पूर्ण करने वाले युवाओं के नाम भी मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। इसलिए सत्यापन की कवायद की जा रही है। 15 अक्टूबर को मतदाता सूची के प्रारुप का प्रकाशन होने के बाद 15 जनवरी 2020 को अंतिम प्रकाशन होगा। इस बीच दावे-आपत्तियां भी लिए जाएंगे। आखिरी में फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन कि या जाएगा।

अधिकारी-कर्मचारी ने सत्यापन कराया या नहीं, करा रहे जांच

मतदाता सत्यापन कार्य में तेजी लाने के लिए कलेक्टर डॉ. रावत जिम्मेदारों को लगातार नोटिस, स्मरण पत्र थमा रहे हैं। वहीं विभागों को पत्र लिखकर पूछा जा रहा है कि पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों ने सत्यापन कराया है या नहीं। अधिकांश ने सत्यापन कार्य पूर्ण होने की बात कही है।