शाजापुर। क्षेत्र के कई किसानों ने रबी फसलों की बुवाई कर दी है तो कुछ किसान अभी भी इस कार्य में जुटे हुए हैं। फिलहाल 95 फीसद क्षेत्र में गेहूं की बुवाई पूरी हो चुकी है। किसान उर्वरक की व्यवस्था भी आवश्यकतानुसार कर रहे हैं। वर्तमान में नहरों से भी सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा है।

जिले में इस वर्ष दो लाख 52 हजार हेक्टेयर में रबी फसलों की बुवाई का कार्य होना है। इसमें से रबी सीजन के दौरान गेहूं 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर एवं दलहन 67000 हेक्टेयर क्षेत्र मे बोवनी होने की संभावना है। सरसों व चना आदि की बुवाई पूर्ण हो चुकी है जबकि गेहूं की बुवाई का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। मौसम भी बुवाई व फसलों की बढ़वार के मान से अनुकूल चल रहा है। फिलहाल किसान उर्वरकों की व्यवस्था में जुटे हुए हैं, सहकारी संस्थाओं एवं निजी प्रतिष्ठानों पर किसानों का तांता सा लगा रहता है। जिले में यूरिया की भी रैक भी आवश्यकता के अनुसार लगातार आ रही है। इधर सिंचाई के लिए भरपूर पानी होने से इस बार उत्पादन बेहतर होने की संभावना है। जिन किसानों के स्वयं के कुएं, बावड़ी है वह उन स्रोतों से सिंचाई कर रहे हैं तो दूसरी तरफ कमांड क्षेत्र के किसानों को डैम, तालाब से सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है।

पांच हजार हेक्टेयर से ज्यादा में नहरों से सिंचाई

शाजापुर क्षेत्र के करीब पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र के किसान चीलर डैम से मिलने वाले पानी से सिंचाई व बुवाई का कार्य कर रहे हैं। वर्तमान में डैम से निकली छोटी व बड़ी दोनों नहरों के माध्यम से पानी दिया जा रहा है। पानी की भरपूर उपलब्धता के चलते कमांड क्षेत्र में सबसे ज्यादा गेहूं की बुवाई हो रही है।

खेतों में लहलहा रही सरसों की फसल

पड़ाना(नईदुनिया न्यूज)। खेतों में सरसों की फसल लहलहा रही है, जिससें किसानों के चेहरे भी खिले-खिले दिख रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि सरसो, तिल आदि तिलहन की रबी फसलें कम लागत में अच्छा लाभ देती हैं। तिलहन की फसलों में खाद व सिंचाई की भी कम आवश्यकता होती है। वहीं किसान मुबारिक खां, संतोष कुमार आदि ने बताया कि सरसों की फसल अन्य फसलों की उपेक्षा कम खर्च में अधिक मुनाफा देती है। और इस बार सरसों की अच्छी फसल होगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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