तनोड़िया। नगर में दशहरा पर्व अनूठे ढंग से मनाया जाता है। यहां पर वर्षों से रावण के पुतले को पत्थरों से मारने की परम्परा का निर्वहन किया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। इसके पश्चात सभी लोग एक-दूसरे को पर्व की बधाइयां देते हैं।

नवरात्र की समाप्ति के पश्चात में नगर में प्रजापति समाज से एक व्यक्ति दशहरा मैदान जा कर मिट्टी के मटकों से रावण, कुभंकरण एवं मेघनाथ को बनाता है। जिसे पत्थरों से मारे जाने की वर्षो पुरानी परंपरा आज भी कायम है।

शुक्रवार को दशहरा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दिन शाम को श्री कृष्ण मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी। जिसमें राम, लक्ष्मण आदि पात्रों की वेषभूषा में युवाओं को ट्रैक्टर-ट्राली में बैठाया जाएगा। सवारी के साथ में भगवान श्रीराम का विमान, भजन कीर्तन करते भजन मंडलियों, ढ़ोल-ढमाकों के साथ चल समारोह दशहरा मैदान पर जाएगा। इस दौरान पूर्व जमीदार राव राजेन्द्रसिंह राठौर दरबार, नगर के प्रमुख गणमान्य नागरिकों के साथ युवाओं व छोटे बच्चों चल समारोह में शामिल होते हैं। पारम्परिक रूप से जुलुस नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए उज्जैन रोड स्थित दशहरा मैदान पहुंचेगा। वहां श्रीराम जी की महाआरती के बाद राव राजेन्द्रसिंह दरबार ज्वार के राड़े से रावण पर प्रहार करते हैं। इसके बाद सभी लोग पत्थरों से रावण को मारते हैं। इसके बाद एक दूसरे के गले मिल कर विजयदशमी पर्व की शुभकामना दी जाएगी। छोटे अपने बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेंगे। आयोजन में बड़ी संख्या में नगर के नागरिक शामिल होंगे।

आज होगा दुर्गाजी की मूर्तियों का विसर्जन

तनोड़िया। नवरात्रि में स्थापित दुर्गा मूर्तियों का चल समारोह के साथ स्थानीय बड़े तालाब पर विसर्जन किया जाएगा। नगर के लालमाता मंदिर परिसर, तेजाजी मंदिर परिसर,भवानी चौक, बस स्टैंड, नई आबादी के साथ नगर के अन्य भागों में स्थापित मूर्तियों का चल समारोह के साथ विसर्जन किया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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