श्योपुर/अंचल। नईदुनिया प्रतिनिधि

शहर सहित अंचल में 48 घंटों से रिमझिम तो कभी झमाझम गिर रहे पानी से अंचल पानी-पानी हो गया है। शहर की निचली बस्तियों में पानी के चलते कुछ मकान भी धारासायी हुई है। बड़ौदा नगर पूरी तरह से टापू बन गया है। पार्वती, अहेली और कूनो नदियों के उफान पर आने से श्योपुर का शिवपुरी, ग्वालियर, राजस्थान के कोटा और बारां से पूरी पिछले 20 घंटे से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। इसी के साथ श्यामपुर, रीछी और वर्धाखुर्द में तालाब फूटने से गांव में भी पानी घरों में घुस गया है। 24 घंटे में जिले में 122.1 एमएम बारिश दर्ज की गई है। 20 साल में पहली बार इतनी बारिश हुई है। 31 जुलाई तक जिले में कुल 444.1 एमएम बारिश दर्ज की गई है। अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों का जायजा लिया है। प्रशासन ने बाढ़ राहत के लिए कंट्रोल रूम का टेलीफोन नंबर-07530-222631 जारी किया।

यहां बता दें, कि श्योपुर जिले में गुरुवार रात 3 बजे से बारिश का दौर चल रहा है जो भी तक भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार शाम जरूर 3 घंटे के लिए बारिश थमी थी, लेकिन उसके बाद रात 8 बजे से फिर बारिश शुरू हो गई जो अभी तक जारी बनी हुई है। 48 घंटे से लगातर बारिश हो रही है ऐसे में श्योपुर से शिवपुरी, ग्वालियर, कोटा, बारां जाने वाला मार्ग भी पूरी तरह से बंद हो गए हैं। बड़ौदा कस्बे के कई घरों में पानी घुस गया है। बड़ौदा थाना में भी पानी घुस गया है। अमराल नदी में पानी आने से गुप्तेश्वर महादेव मंदिर पूरा डूब गया और पानी किला गेट तक पहुंच गया। जिस वजह से किले रहने वाले शहर में नहीं आ सके। कई लोग ट्यूब पर बैठकर बाजार आए।

श्योपुर का कोटा, बारां से कटा संपर्क, ग्वालियर मार्ग 14 घंटे बाद हुआ चालू :

बारिश के कारण पार्वती व कूनो नदी फिर से उफान पर आ गई है, जिस वजह से श्योपुर से राजस्थान के कोटा शहर का संपर्क पूरी तरह कट गया है। पार्वती नदी में आए उफान के कारण खातौली पुल पानी में डूब चुका है। सुबह 6 बजे से ही पुल पर 4 फीट पानी था जो धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा था। वहीं बड़ौदा-कुहांजापुर पुल पर तीन से चार फीट पानी होने के कारण यह रास्ता भी बंद हो गया। कूनो नदी पुल के ऊपर 6 फीट पानी बहने की वजह से श्योपुर का ग्वालियर, शिवपुरी से संपर्क कट गया। कूनो पुल पर शुक्रवार को भी पानी होने की वजह से दोपहर 3 बजे से 6 बजे तक आवागमन बंद था। इसके बाद आवागमन चालू हुआ, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण रात 1 बजे से फिर बंद हो गया जो शनिवार की शाम 4 बजे चालू हुआ। बड़ौदा की अहेली नदी पुल पर 12 फीट पानी होने से ललितपुरा, पीपल्दा, बहड़ावदा, बाजरली, बासौंद, आलपुरा आदि गांवों का बड़ौदा से संपर्क कटा रहा।

बड़ौदा बना टापू, घरों और थाने में घुसा पानी :

बारिश के कारण बड़ौदा कस्बा टापू बन गया है। बजारों में 4-4 फीट तक पानी भर गया है। बड़ी टोड़ी वार्ड 5 बड़ौदा के घरों में पानी घुस गया जिससे लोगों के खाने-पीने के सामान भीग गया। मैन बाजार में कई दुकानों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को भारी नुकसान हुआ है। ऐसे हालातों में कई दुकानदारों को सामान बाहर निकालना पड़ा। भारी बारिश के कारण थाना परिसर में पानी घुस गया। थाना परिसर तालाब बना हुआ है। इधर शहर के वार्ड 2 अजा बस्ती के कई घरों में पानी घुस गया। वार्ड 12 गांधीनगर और कमलाखेड़ी इलाके में बारिश से आधा दर्जन से अधिक लोगों के कच्चे मकान ढह गए है, जिस वजह से वह भरी बरसात में घर से बेघर हो गए हैं।

श्यामपुर, रीछी और वर्धाखुर्द में फूटे तालाब :

बारिश के कारण श्यामपुर व रीछी गांव में तालाब फूट गए हैं, जिससे कई किसानों के खेतों में पानी भर गया है। श्यामपुर में सुबह 10 बजे करीब तालाब की पाल टूट गई जिससे रौतास गौड़, नारायणलाल बाथम, छोटेलाल बाथम, अश्वनी तिवारी, जगदीश मिश्रा आदि किसानों के खेतों में पानी भरने से तिल्ली, बाजारा, सोयाबीन की फसल जलमग्न हो गई है। वहीं आधा सैकड़ा से अधिक लोगों के घरों में पानी भर गया है। रीछी में ताला फूटने से सिर्फ खेतों में पानी भरा है। आवदा डैम से लगातार बहर से पानी से बर्धाखुर्द गांव के नीचले हिस्से के कई घरों में पानी घुस गया है।

अस्पताल में पानी घुसने से प्रसूताओं को रेस्क्यू कर निकाला :

मानपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पानी भर गया। अस्पताल परिसर टापू में बदल गया। एडीएम रूपेश उपाध्याय व नायब तहसीलदार रजनी बघेल ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर तीन प्रसूताओं व उनके स्वजनों को बोट से रेस्क्यू कर बाहर निकालकर जिला अस्पताल भिजवाया। मानपुर में 24 घरों में पानी घुस गया था। जिसकी निकासी के प्रबंध और आवश्यक व्यवस्थाएं करते हुए 24 परिवारों को बाहर निकालने की कारवाई की की गई। कराहल क्षेत्र के ग्राम पहेला में जिन घरों में पानी भर गया है, उनके भोजन आदि के इंतजाम जारी रखने के निर्देश एसडीएम कराहल विजेन्द्र सिंह यादव, सीईओ जनपद एसएस भटनागर तथा तहसीलदार नवलकिशोर जाटव को दिए।

निचली बस्तियों और गांवों में भरा पानी :

24 घंटे में हुई भारी बारिश से शहर की निचली बस्तियों किला गेट, वार्ड एक, वार्ड दो सहित कमालखेड़ली, सीप नदी किनारे आदि इलाकों में पानी भर गया। वहीं आवदा के ओवरफ्लो पानी से आदिवासी बस्ती दूसरे दिन भी जलमग्न रही। इसके साथ ही पहेला, बर्धा, रेशमकॉलोनी, गोरस, सोंई, मानपुर, मेवाड़ा, बहरावदा, विजयपुर, ललितपुरा, श्यामपुर, रघुनाथापुर आदि गांवों में पानी भर गया।

कलेक्टर, एसपी ने बाढ प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा :

कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव एवं एसपी संपत उपाध्याय ने शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर पानी भराव का जायजा लिया। आवदा डैम के पास नदी के बहाव से कटी रोड के कारण 60 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराया। बडौदा नगर में तहसील, थाना, हॉस्पीटल आदि क्षेत्र में वर्षा के कारण पानी के भराव का देखा। कलेक्टर, एसपी ने विधायक बाबू जण्डेल के साथ बंजारा डैम स्थित सीप नदी में चल रहे पानी को ीा देखा।

शुक्रवार शाम बहे बुजुर्ग का शव मिला :

बारिश के कारण शुक्रवार शाम करीब 4 बजे 55 वर्षीय बुजुर्ग दंबे पुत्र भंता अदिवासी चाकपारोद हार में मवेशी चरा रहे थे। बुजुर्ग गाय की पूंछ पकड़कर क्वारी नदी को पार कर रहे थे। बीच धार में अचानक हाथ छूटने से वह बह गए थे। घटना की सूचना मिलते ही अगरा पुलिस ने शाम को सर्चिंग अभियान चलाया था, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद सुबह तलाशी के दौरान करीब डेढ़ किमी दूर बुजुर्ग का शव मिल गया।

जिले में अब तक 444.1 एमएम दर्ज की गई :

शनिवार सुबह 8 बजे तक जिलेभर में 122.1 एमएम बारिश दर्ज की गई है। इसमें सर्वाधिक 240 एमएम कराहल में तो सबसे कम 33 एमएम वीरपुर में दर्ज की गई है। इसके अलावा विजयपुर में 33.2 एमएम, बड़ौदा में 147 एमएम और श्योपुर में 157 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जबकि पिछले साल 31 जुलाई तक महज 250.5 एमएम बारिश दर्ज की गई है।

फैक्ट फाइल :

- पार्वती नदी के उफान पर आने से खातौली पुल डूब गया, जिससे श्योपुर-कोटा मार्ग दिन भर बंद रहा। शाम 5 बजे पुल पर 10 फीट पानी था।

-कूनो नदी के उफान से सेसईपुरा के निकट का पुल डूब गया, जिससे श्योपुर-शिवपुरी और ग्वालियर मार्ग बंद हो गया। दोपहर 2 बजे बाद पानी उतरने से आवागमन फिर बहाल हो गया।

- पार्वती नदी के उफान से दोपहर बाद सूरथाग पुल डूब गया, जिससे श्योपुर-बारां मार्ग बंद हो गया।

- अहेली नदी के उफान से ललितपुरा का पुल डूब गया, जिससे श्योपुर-कुहांजापुरा-बारां मार्ग दिन भर बंद रहा।

- क्षेत्र की नदियों के उफान से कराहल-भैंसरावन-राजस्थान मार्ग दिन भर बंद रहा।

- सीप नदी का पानी सड़क पर आ जाने से मानपुर-मेवाड़ा मार्ग दिन भर बंद रहा।

- आवदा बांध का पानी सड़क पर आ जाने से नई सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा

Posted By: Nai Dunia News Network

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