श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

भारत सरकार द्वारा 3 साल में 5400 किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। यह नवाचार जिले में किया जा रहा है। इस योजना के तहत पहले चरण में 1800 गरीब किसानों को खेतों में अमरूद के बाग लगाने के लिए 13 लाख 50 हजार पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे। इस तरह तीन साल में जिले में 5400 किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। एनआरएलएम द्वारा ऐसे गरीब पात्र 800 किसानों को इस योजना से जोड़कर अमरूद के पौधे लगवाना भी शुरू कर दिया है।

केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण मंत्रालय ने श्योपुर को अमरूद जिले के रूप में प्रसिद्ध करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें अमरूद की खेती के लिए प्रोत्साहित करने की योजना बनाई हैं। इस योजना के तहत मनरेगा मद से प्रथम चरण में इस वर्ष 1800 किसानों के बीच 13.50 लाख अमरूद के पौधों का वितरण किया जाएगा। इसके लिए मनरेगा मद से 10 करोड़ रुपये स्वीकृत भी कर लिए गए हैं। जिन किसानों को पौधों का वितरण किया जाना हैं उसमें पौधे रोपण के साथ-साथ उनकी सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल और सिंचाई के लिए ड्रीप योजना भी सरकार निःशुल्क उपलब्ध कराएगी। इस किसानों को यह लाभ दिया जाएगा।

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फल देने तक करेंगे मदद

जिन किसानों को अमरूद के पौधों का वितरण किया जाएगा, उन्हें पौधे रोपण के लिए गड्ढें खुदाई और बाउंड्रीवाल का पैसा भी दिया जाएगा। पौधों का वितरण छोटे किसानों को ही किया जाना हैं, इसके लिए एक से दो बीघा भूमि वाले किसानों का चयन किया गया हैं। पौधरोपण के बाद उनकी सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल भी मनरेगा मद से कराई जाएगी। पौधों को पर्याप्त मात्रा में सिंचाई उपलब्ध हो, इसके लिए उद्यानिकी विभाग 80 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ड्रीप सिंचाई योजना हर खेत में उपलब्ध कराएगी। एनआरएलएम संबंधित किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए देश के बड़े फार्म हाउसों में भ्रमण भी कराएगा।

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पहले चरण में श्योपुर में 303 और कराहल में 500 किसान चिन्हित

किसानों को आत्म निर्भर बनाने के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत श्योपुर ब्लाक में 303 एवं कराहल ब्लाक में 500 किसानों चिन्हित कर उन्हें 700 अमरूद के पौधे वितरण किए जा रहे हैं। किसान इन पौधों लगाकर अमरूद की खेती करेगा जिससे वह आत्म निर्भर बनेगा। ऐसे किसान जिनके पास 10 एकड़ से कम जमीन है और वह जाबकार्डधारी हैं उन्हें ही इस योजना से जुड़ने के लिए पात्र माना गया है।

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रतलाम और लखनऊ से मंगाई गई अमरूद की पौध

किसानों को वितरण के करने के लिए रतलाम और लखनऊ से थाई अमरूद के पौधे मंगाए गए हैं, अभी दो दिन पहने ही पौधों की गाड़ी श्योपुर पहुंची है। एनआरएलम के जिला प्रबंधक रामराज मीणा का कहना है कि, ये पौधे जिन्हें कभी भी लगाया जा सकता है। अभी अमरूद के पौधे लगाने के लिए उपयुक्त मौसम है। इसके बाद एल 49 अमरूद के पौधे भी मंगाए जाएंगे, लेकिन थाई अमरूद के पौधे जल्दी फल देने लगते हैें, इसलिए इन्हें ही मंगाया गया है।

वर्जन

- किसानों को आत्म निर्भर बनाने के लिए मनरेगा मद से तीन साल में 1800 किसानों को अमरूद के पौधे उपलब्ध कराएंगे। किसानों को अमरूद का बाजार मिले इसके प्रयास भी एनआरएलएम के माध्यम से करेंगे। इस प्रोजेक्ट में 5400 किसानों को लाभांवित किया जाएगा।

डा. एसके मुदगल

डीपीएम, एनआरएलएम।

Posted By: Nai Dunia News Network

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