श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

इस साल नवंबर-दिसंबर में होने वाली शादियों के लिए 75 फीसद मैरिज गार्डन, लॉज और रिसार्ट अभी से बुक हो गए हैं। शादी की रिसेप्शन कोरोना से पहले की स्थिति में 20 फीसद महंगा हो गया है। लोग कोविड-19 की तीसरी लहर की आशंका के चलते अपनों की शादियां धूमधाम से करना चाहते हैं। इस बार लोग कंफर्म बुकिंग करवा रहे हैं, क्योंकि मैरिज गार्डन संचालक भी इस बार असमंजस में नहीं रहना चाहते हैं। अधिकांश गार्डन संचालकों की शर्त है कि बुकिंग के दौरान एडवांस राशि वापस नहीं होगी। तारीख जरूर आगे बढ़ा सकते हैं, ताकि दोनों पक्षों को नुकसान न हो।

पिछले दो साल से शादियों पर कोरोना का ग्रहण लगा है। लोग अपनी पसंद की तारीख पर शादियां नही कर पाए। चातुर्मास लगने से 118 दिन के लिए शादी के मुहूर्त थम गए। अभी भी शादी के मुहूर्त के लिए 2 महीने हैं। इस साल देवउठनी एकादशी के बाद शादी के लिए पहला शुभ मुहूर्त 19 नवंबर को है। साथ ही कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आने की भी आशंका है। बावजूद लोग मैरिज गार्डन, हॉल, धर्मशाला से लेकर होटल तक बुक करवा रहे हैं।

शादी वाले इसलिए कर रहे जल्दी बुकिंग

नवंबर-दिसंबर में मुहूर्त सीमित हैं। 19 नवंबर से 13 दिसंबर के बीच 16 मुहूर्त हैं। ऐसे में एक ही दिन में कई शादियां होने से लोगों को बुकिंग में परेशानी है। मैरिज हॉल की बुकिंग न होने की वजह से कई लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। यही वजह है कि होटलों में बुकिंग की डिमांड बढ़ गई है। श्योपुर शहर व आसपास के प्रमुख मार्गों पर करीब 60 मैरिज गार्डन, होटल हैं। इसमें 70 से 75 फीसद बुकिंग हो चुकी है।

25 से 30 फीसद ले रहे एडवांस राशि

शहर व आसपास के मैरिज गार्डन, हॉल, होटल का एक दिन का किराया 30 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक है। इसमें उपलब्ध गार्ड, हॉल से लेकर कमरे तक शामिल हैं। बडे? गार्डन, हॉल व होटल में रूम अटेंडर सहित अन्य सुविधाएं हैं। इसके वजह से खर्च अधिक होता है। साथ ही कमरे कम-ज्यादा लेने की भी च्वाइस रखी है। इसलिए सभी अपनी सुविधा के अनुसार 25 से 30 फीसद तक एडवांस ले रहे हैं। बुकिंग निरस्त होने पर यह राशि वापस नहीं की जाएगी। हालांकि विशेष स्थिति में तारीख बदलने पर यह राशि समायोजित की जा सकती है। मैरिज गार्डन संचालकों के मुताबिक उन्हें भी गार्डन के मेंटेनेंस, कर्मचारियों के वेतन पर खर्च करना पड़ता है।

मेहमानों की सीमित संख्या, खर्चा बढ़ा

गार्डन संचालकों के मुताबिक कोरोना के चलते लोग कम मेहमान बुलाते हैं। पहले जहां सामान्य तौर पर संख्या 900-1000 होती थी, अब वह आधी भी नहीं रह गई है। इस वजह से कैटरिंग महंगी पड़ रही है। जब संख्या कम होती है और फूड आइटम अधिक होते हैं यह महंगा पड़ता है।

कैटरिंग से लेकर डेकोरेशन में खर्चा बढ़ा

यहां डेकोरेशन, स्टेज बनाने से लेकर कैटरिंग तक का खर्च अलग है। इसमें सामने वाले की पसंद रहती है, कि वह किस प्रकार का डेकोरेशन और कैटरिंग चाहता है। संचालकों का कहना है, कि इसकी कोई खर्च सीमा नहीं है, इसके अपने अलग-अलग खर्चे हैं, लेकिन कोविड-19 के चलते पहले और अब में खर्च करीब 20 फीसद बढ़ चुका है, इसकी वजह रसोई गैस और अन्य खाने की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।

इस बार बुकिंग अच्छी हो रही

मैरिज गार्डन संचालक राजू अग्रवाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण पहले शादियां नहीं हो पाई थी, लोग अब मुहूर्त चूकना नहीं चाहते हैं। मुहूर्त भी कम हैं, इसलिए अभी से बुकिंग करवाने आ रहे हैं। तीसरी लहर की संभावना के बीच लोगों को उम्मीद है कि सरकार प्रतिबंध लगाती है तो सीमित रोक ही रहेगी। लोग पूरे गार्डन, रिसॉर्ट व होटल बुक करवाने पर जो रहे हैं।

नवंबर-दिसंबर में यह रहेंगे मुहूर्त

नवंबर - 19, 20, 21, 26, 28, 29 व 30

दिसंबर - 1, 2, 5, 6, 7, 11, 12 व 13

Posted By: Nai Dunia News Network

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