श्योपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बाजे छै नौबत बाजा, म्हारा डिग्गीपुरी का राजा..., मैं तो जाउंगी डिग्गीपुरी का मेड़ा में..., भंडारा में नाचे म्हारी बीनणी रे..., जैसी स्वर लहरियों के बीच राजस्थान के डिग्गी-मालपुरा में विराजित श्रीकल्याण धणी के दर्शनों के लिए बुधवार को श्योपुर से 23वीं पदयात्रा रवाना हुई। क्षेत्र में खुशहाली और अच्छी बारिश की कामना के साथ रवाना हुई पदयात्रा में हजारों श्रद्धालु का सैलाब उमड़ पड़ा। पदयात्रा का शुभारंभ सुबह 10 बजे टोड़ी गणेश मंदिर से देवरीधाम के महंत रामदास जी महाराज व एसपी आलोक कुमार सिंह द्वारा ध्वज पूजन कर पदयात्रा को रवाना किया। इस दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बृजराज सिंह चौहान, विधायक बाबू जंडेल, भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र जाट, पूर्व विधायक दुर्गालाल विजय, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य महावीर सिंह सिसौदिया, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अतुल चौहान, रामलखन नापाखेड़ली, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष कविता मीणा, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक गर्ग उपस्थित रहे।

गाजेबाजे के साथ शहर के प्रमुख मार्ग से झूमते-नाचते गुजरे पदयात्रियों का शहर में जगह-जगह स्वागत किया। वहीं रास्ते में भी कई जगह स्वागत सत्कार के कार्यक्रम रखे गए। यह पदयात्रा करीब सवा दो सौ किलामीटर की दूरी तय कर एक सप्ताह बाद कल्याण धाम पर पहुंचेंगी और मंदिर पर परंपरागत रूप से झंडा चढ़ाने की रस्म के साथ समाप्त होगी। श्योपुर से रायपुरा, सोंईकलां, बगडुवा, भोगीका होते हुए कल्याण धणी के रवाना हुए पदयात्रियों का पहला पड़ाव ओपी मीणा के पेट्रोल पंप 17 मील पर रहा उनके द्वारा ही पदयात्रियों के लिए भंडारा आयोजित किया गया। इसके बाद यात्रा बोदल, सवाईमाधोपुर, कुस्तला, चोरू होते हुए 08 अगस्त को डिग्गी कल्याणजी पहुंचेगी। विशेष बात यह है कि यही वजह रही कि श्योपुर-सवाईमाधोपुर हाइवे पर पूरे रास्ते पदयात्रियों के जत्थे नजर आए। पदयात्रा समिति के सुरेश मीणा, उपाध्यक्ष मनोज पचौरी, पूर्व अध्यक्ष बीपी सिंह, भोलाराम व्यवस्था संभालते चल रहे थे।

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जगह-जगह लगाए स्वागत स्टाल, भंडारे हुए

डिग्गी के कल्याण जी की पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की आवभगत में विभिन्ना सामाजिक संगठन और ग्रामवासियों ने खास इंतजाम किए। यात्रा मार्ग में जगह-जगह स्टाल लगाए गए हैं। इन स्टाल पर पदयात्रियों के लिए नाश्ते में पोहा, जलेबी और फलों का इंतजाम था। वहीं लोगों को भोजन कराया गया।

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छह दिन में पैदल तय कर लेंगे 220 किमी दूरी

श्योपुर से कल्याण जी की 220 किलोमीटर लंबी पदयात्रा 6 दिन में पूरी हो जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहले दिन दांतरदा एवं पाली पेट्रोल पंप पर रात्रि विश्राम के बाद गुरुवार को पदयात्रा का दूसरा पड़ाव ग्राम कुशतला में रहेगा। तीसरे दिन उनियारा, चौथे दिन टोंक, पांचवें दिन ग्राम लावा और छठवें दिन 8 अगस्त को डिग्गी मालपुरा पहुंचेंगे।

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700 पदयात्राओं में सबसे बड़ी श्योपुर की

डिग्गी मालपुरा में सावन मास में लगने वाले भगवान कल्याण जी के लक्खी मेले के दौरान देश के विभिन्ना 700 स्थानों से पदयात्राएं जाती हैं। इनमें श्योपुर क्षेत्र की पदयात्रा सबसे बड़ी रहती है। मेले के दौरान प्रतिदिन 15-20 पदयात्रा डिग्गी पहुंचती है। लेकिन जिस दिन श्योपुर क्षेत्र की पदयात्रा का झंडा चढ़ाने का दिन रहता है उसके लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष प्रबंध किए जाते हैं। इस बार 08 अगस्त को श्योपुर के पदयात्री श्री कल्याण जी मंदिर पर झंड़ा चढ़ाने की रस्म निभाएंगे।

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श्योपुर से 1999 में 50 श्रद्धालुओं के साथ शुरू हुई थी पदयात्रा

राजस्थान के डिग्गी मालपुरा में सावन मास में भगवान श्री कल्याण जी का लक्खी मेला लगता है। एक माह चलने वाले इस मेले के दौरान दूर-दूर से लाखों की तादाद में भक्त शामिल होते हैं। अपनी मनोकामनाएं अपने घर से ही पदयात्रा करते हैं। श्योपुर से कल्याण जी की पदयात्रा की शुरुआत 1999 में 50 श्रद्धालुओं के साथ हुई थी। इससे पूर्व श्योपुर क्षेत्र के लोग सवाई माधोपुर से शुरू होने वाली पदयात्रा में शामिल होते थे। इस परंपरा की नींव विधायक बाबू जंडेल, पूर्व मंडी अध्यक्ष श्यामसिंह जाट ने रखी थी। श्रद्धालुओं की तादाद हर साल दो गुनी से भी ज्यादा रफ्तार से बढ़ते हुए मंगलवार को लगातार 23 वें साल रवाना हुई पदयात्रा में संख्या 6 से 7 हजार के आंकड़े को पार कर गई। बड़ौदा क्षेत्र से 1000 श्रद्धालु मंगलवार ीकी शाम को ही श्योपुर आ गए थे। मंगलवार सुबह टोड़ी गणेश मंदिर से 5000 श्रद्धालुओं के साथ पदयात्रा प्रारंभ हुई। इसमें नागदा और चंबल नहर क्षेत्र में बसे गांव से 800 और रायपुरा से 500 श्रद्धालु जुड़ गए। इसके बाद,सोईकलां में एक हजार श्रद्धालु और जुड़ गए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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