श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

इस साल बारिश के सीजन का सवा महीना बीत चुका है लेकिन,अभी तक ज्यादातर इलाकों में एक भी अच्छी बारिश नहीं हो सकी है। इससे जिले के डैम और तालाबों में जल भराव नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र का जलस्तर भी लगातार गिरता जा रहा है। इसे लेकर जिले के किसान खासे चिंतित हैं। स्थिति यह है कि, किसान धान आदि फसलों के पलेवा के लिए ट्यूबवेलों के माध्यम से भूमिगत जल का लगातार दोहन करते जा रहे हैं। इससे हर दिन 5-7 फीट तक पानी गहराई में पहुंच रहा है। इन परिस्थितियों में किसानों को हर 4-5 दिनों में अपने बोरिगों में पाइप लाइन बढ़ानी पड़ रही है। जिसमें 6-7 हजार रुपये का खर्चा होने के अलावा भारी परेशानियां भी किसानों को उठानी पड़ रही हैं।

इस बार सीजन में सेसईपुरा और कराहल इलाके के अलावा सोंईकलां इलाके में तो एक से दो दिन झमाझम बारिश हो गई है लेकिन, विजयपुर, वीरपुर, बड़ौदा, आवदा सहित दूसरे इलाकों में न के बराबर बारिश हो सकी है। इन परिस्थितियों में श्योपुर इलाके का सबसे बड़ा आवदा डैम और जिले के ज्यादातर छोटे-बड़े तालाबों में पानी का भराव नहीं हो सका है। इससे जलस्तर दिनों-दिन गहराई में पहुंचता जा रहा है। जिसे देखकर किसानों को डर है कि, अगर यह डैम और तालाव इस सीजन की बारिश में नहीं भर सके तो वह आने बाले सीजन की फसलों की सिंचाई के लिए पानी कहां से लाएंगे। गौरतलब है कि, पिछले साल 2020 में भी जिले में अल्पवर्षा के हालात रहे थे। जिनकी वजह से किसानों व अन्य लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब सीजन का सवा महीना बीत जाने के बाद जिले में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। इससे किसान परेशान हैं।

वीरपुर को डराने वाला तालाब खाली

जिले की वीरपुर तहसील मुख्यालय का वह बड़ा तालाब जिसके फूटने की स्थिति में बाढ़ आने के डर से वीरपुर ही नहीं बल्कि, पांचों कॉलोनी, चक्क सीताराम, चक्क चांदखां, मोहनपुरा सहित इलाके के तमाम ग्रामीण बारिश के सीजन में डरे-सहमे रहा करते थे। वह इस सीजन में एक भी अच्छी बारिश नहीं होने की वजह से खाली पड़ा हुआ है। इससे इलाके के किसानों को फसलों के पलेवा का भी संकट खड़ा हो गया है। स्थिति यह है कि, बारिश के सीजन में वीरपुर के बड़े तालाब में एक से दो छोटे-छोटे गड्ढे ही पानी से भरे हुए हैं। जिन्हें देखकर इलाके के किसान चिंतित हैं। यहां बता दें कि, वीरपुर का बड़ा तालाब की कैनाल पिछले करीब 15 साल पहले एक से दो बार पानी के ओवरफ्लो हो जाने की वजह से टूट चुकी है। इससे कई घर मकानों के बह जाने के अलावा नैरोगेज के रेलवे ट्रैक से लेकर कई सड़क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। लेकिन, पिछले साल से अल्प वर्षा के हालातों की वजह से तालाव में क्षमता के अनुरुप पानी नहीं भर पा रहा है। इससे रवी के सीजन में किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह के हालात श्यामपुर, रघुनाथपुर, गढ़ी सहित इलाके के अन्य छोटे-बड़े तालावों के बने हुए हैं।

वर्जन

इस सीजन में न के बराबर बारिश हुई है। इससे आवदा डैम का जलस्तर रत्तीभर भी नहीं बढ़ सका है। क्षेत्र का जलस्तर लगातार गिरता जा रहा है। इससे हम किसानों को डर है कि, अगर अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की पैदावार कैसे हो सकेगी।

महेंद्रसिंह जाट, किसान राडेप।

Posted By: Nai Dunia News Network

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