आक्रोशित लोगों ने कलेक्टर-एसपी से की अभद्रता, बोले- तीन दिन बाद भी नहीं मिली कोई राहत, खाने के साथ बिजली-पानी के लिए हो रहे परेशान

गोलंबर पर दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक लोगों ने किया चक्काजाम, टोढ़ी बाजार में 2 दिन बाद भी नपा ने नहीं हटाया मलबा

व्यापारियों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए बाजार में जूतों-चप्पल की माला टांगी

श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले में 3 दिन पहले बारिश ने शहर सहित गांवों में घुसने तबाही के साथ काफी नुकसान हुआ है। बुधवार सुबह 7 बजे पानी उतरने के बाद भी 24 घंटों में भी प्रशासन राहत कार्य शुरू नहीं कर पाया है। आमजन में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश इस कदर है, कि गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान श्योपुर आ रहे थे। प्रशासन ने इसके लिए पूरी तैयारियां भी कर ली थी, लेकिन सीएम आने से पहले ही लोगों ने जय स्तंभ पर लोगों ने 6 घंटे तक जाम लगा दिया। कलेक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव और एसपी संपत उपाध्याय के सामने सीएम से लेकर केंद्रीय मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पाली रोड पर 2 जगह लोगों ने जाम लगाने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री के आने की तैयारियों को लेकर रूट देखने पहुंचे मालियों के मंदिर के पास लोगों ने कलेक्टर-एसपी के साथ झूमाझटकी कर दौड़ा दिया। कलेक्टर की गाड़ी पर पथराव भी कर दिया। इसके बाद सीएम ने श्योपुर दौरा रद्द कर दिया।

सोमवार से रात 9 बजे से सीप नदी में पानी बढ़ाना शुरू हो गया था। रात 11 बजे के बाद पानी ने धीरे-धीरे किला सहित निचली बस्तियों में भरना शुरू हो गया था। इसके बाद रात में ही लोग घरों में फंस गए। पुलिस-प्रशासन ने कुछ लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। मंगलवार सुबह 7 बजे पानी टोड़ी बाजार, पुल दरवाजा,बड़ौदा रोड, कुम्हारन मोहल्ला सहित निचली बस्तियों में घुस गया। बुधवार सुबह पानी उतर गया था। ऐसे में लोगों को नपा के मैरिज गार्डन, धर्मशाला सहित अन्य जगह ठहराया गया था।

लोगों में इसलिए है आक्रोश

जयस्तंभ पर जाम लगा रहे लोगों का आरोप था कि प्रशासन के पास पहले से ही जानकारी थी, कि सीप नदी इस तरह उफान पर आएगी तो पहले से अलर्ट क्यों नहीं किया। साथ ही प्रशासन ने मंगलवार रात 1 बजे से बुधवार सुबह 10 बजे तक मोबाइल-इंटरनेट भी बंद करवा दिया। बाढ़ आने के बाद वह अपनों और प्रशासन से मदद भी नहीं मांग पाए। इसलिए उनके घरों में भारी नुकसान हुआ है। पहनने से लेकर गृहस्थी का पूरा सामान ही खत्म हो गया है। बाढ़ उतरने के 24 घंटे बाद भी प्रशासन का एक भी नुमाइंदा सर्वे करने के लिए नहीं पहुंचा है। घर में बिजली से लेकर पीने का पानी तक नहीं है।

नपा ने नहीं उठाया मलबा, दुर्गंध से व्यापारी बेहाल, टांगी जूतों की माला

बुधवार को नदी का पानी उतरने के बाद टोड़ी बाजार की दुकानों का सामान पूरी तरह से भीग गया है। ऐसे में व्यापारी प्रदीप किराना, इंदर किराना, चेनत खंडेलवाल, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, श्याम किराना, राजू किराना, शंभू, जगदीश, श्याम श्रोत्रिय, अंशू हाम एप्लाइंस, एसएन मेटल, गर्ग इलेक्ट्रोनिक्स, शंभू किराना का किराना, कपड़ा सहित अन्य लोगों ने खराब सामान सड़क पर डाल दिया था। व्यापारियों ने दुकान का सामान खराब होने से सड़क पर डाल दिया है। नपा ने 20 घंटे बाद भी कचरा नहीं उठवाया और न ही सड़क की धुलाई कराई। ऐसे में व्यापारियों ने बाजार में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए जूते-चप्पल की माला टांग दी है।

6 घंटे तक चलाया शहीद स्तंभ पर जाम

गुरुवार को कुम्हार मोहल्ला, कमालखेड़ली, भैंसपाड़ा, वार्ड 14, गांधी नगर, वार्ड 23 के लोग एकत्रित होकर बाजार में उतर आए। लोगों ने शहीद स्तंभ पर पाली और शिवपुरी रोड पर जाने वाले मार्ग को बेरीकेड्स लगाकर बंद दिया। सबसे पहले कोतवाली टीआइ राजेश शर्मा समझाने आए तो लोग नहीं माने। इसके बाद एएसपी पीएल कुर्वे मौके पर आए। आक्रोशित लोगों ने उनकी भी बात नहीं मानी। इसके बाद कलेक्टर-एसपी मौके पर आए तो लोगों ने उन्हें घेर दिया। एसपी ने लोगों ने समझाने का प्रयास किया। लेकिन लोग उन्हें अपने मोहल्ले में ले जाने के लिए अड़ गए। कलेक्टर-एसपी चूड़ी बाजार तक गए और वापस लौट आए। लोगों ने कलेक्टर-एसपी के सामने ही नपा सीएमओ मिनी अग्रवाल, एसडीएम विनोदसिंह, विधायक बाबू जंडेल, से लेकर केंद्रीय मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। गुरुवार दोपहर 12 से लगा जाम शाम 6 बजे के बाद भी जारी रहा।

सीएम का रूट देखने आए कलेक्टर-एसपी से की अभद्रता

दोपहर करीब 2 बजे कलेक्टर-एसपी मुख्यमंत्री के आने की तैयारियों और बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों को दिखाने के लिए रूट देखने के लिए जा रहे थे। पुल दरवाजे के पास मालियों के मंदिर के सड़क की सफाई नहीं होने और कोई भी राहत नहीं मिलने से आक्रोशित लोगों ने कलेक्टर-एसपी को रोक लिया। अधिकारी गाड़ी से नीचे उतरकर लोगों से चर्चा कर रहे थे, तभी कुछ लोगों ने कलेक्टर-एसपी से अभद्रता कर हल्ला कर दिया। दोनों अधिकारी वहां से जैसे-तैसे बचकर निकले। कुछ लोगों ने गाड़ी पर भी पथराव कर दिया।

इनपुट

गुरुवार दोपहर 1 बजे विजयपुर से भाजपा विधायक सीताराम आदिवासी, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र जाट शिवपुरी रोड से पाली रोड के लिए जा रहे थे। जयस्तंभ पर जाम और सीएम के खिलाफ नारेबाजी सुनकर वापस लौट गए।

जाम के दौरान कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल मौके पर आए तो कुछ लोग जिंदाबाद तो कुछ मुर्दाबाद के नारे लगाने लगा। विधायक 15 मिनट वहां रुके और फिर वापस निकल गए।

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष रफत वारसी भी लोगों को समझाने आए, लेकिन उनकी बात भी नहीं मानी गई।

जाम के दौरान तीन-चार बार ऐसा माहौल बना कि पुलिस लाठीचार्ज करने वाली है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

जयस्तंभ पर 2 जगह जाम लगने से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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