श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

श्री रामतलाई हनुमान मंदिर पर चल रही रामलीला समारोह में 13वें दिन अंगद रावण संवाद व लक्ष्‌मण शक्ति लीला का मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में महिला-पुरूष शामिल हुए। यह आयोजन रामलीला समारोह समिति द्वारा किया जा रहा है।

रामलीला में कलाकारों ने लीला का प्रदर्शन करते हुए बताया कि, भवगवान श्रीराम वानर सेना को लेकर लंका में प्रवेश करते हैं। जब इसकी जानकारी रावण को लगती है, तो वह युद्ध के लिए घोषणा कर देता है। मगर प्रभु ने रावण को एक और मौका देते हैं और अंगद को रावण के दरबार में दूत बनाकर भेजते हैं। कहते हैं कि आप माता जानकी को प्रभु श्रीराम को लौटा दो और अपना सिर प्रभु के चरणों में झुका कर माफी मांग लो। इतना सुनते ही रावण क्रोधित हो गया और अंगद को बंदी बनाने के लिए आदेश देता है। युद्ध के मैदान में रावण की ओर से सेनापति मेघनाथ और लक्ष्‌मण में घनघोर युद्ध होता है। अंत में मायावी मेघनाथ के शक्ति बाण से लक्ष्‌मण मूर्छित हो जाते हैं। रामलीला में लक्ष्‌मण पर शक्ति का प्रयोग होने से राम दल में हाहाकार मच गया। सुखेन वैद्य को हनुमानजी रामा दल में लेकर आए और सुखेन वैद्य के बताए अनुसार सूर्योदय से पूर्व संजीवनी लाने की बात कही। हनुमानजी संजीवनी लेकर राम दल में पहुंचे। संजीवनी से लक्ष्‌मण की मूर्छा खुलने से रामा दल में खुशी की लहर छा गई। उधर, युद्ध में कुंभकरण के मारे जाने पर रावण व्यथित हो उठा। 1 अक्टूबर से आरंभ हुई रामलीला में कलाकारों द्वारा राम वनवास, भरत मिलाप, सीताहरण का शानदार मंचन किया गया। रामलीला में अंतिम दिन 7 अक्टूबर को कुम्भकरण ,मेघनाथ ,सुलोचना सती, अहिरावण वध लीला का मंचन किया जाएगा और 15वें दिन रावण वध, रामराज्याभिषेक के साथ रामलीला का समापन किया जाएगा। श्री रामलीला समारोह समिति ने सभी धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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