श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

श्रावण मास के चौथे एंव अंतिम सोमवार को शिवालयों में ओम नमः शिवाय, हर-हर महादेव व बम बम भोले के जयकारे गूंज उठे। शिवालयों में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भगवान भोलेनाथ का पंचामृतों से अभिषेक किया तथा बिल्व पत्र, धतूरा व पुष्पों से मनोहर श्रृंगार किया गया। वहीं वार्ड क्रं. 15 में युवा 35 किमी दूर रामेश्वर धाम से कांवड़ वार्ड में स्थित भगवान मुक्तेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। गुप्तेश्वर महादेव मंदिर पर भक्तों द्वारा 11 किलो गुलाब के फूलों से श्रृगांर किया गया।

सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं ने जिले भर के शिवालयों और घर-घर में भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-आराधना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का पंचामृत, दूध और जल से स्नान कराया। घी के दीपक जलाकर, उन पर बेलपत्र, आंक, धतूरे के फूल और फल के अलावा दूब और फूल चढ़ाए, इसके बाद भगवान को भोग लगाया। शहर के तमाम मंदिर भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठे। श्रावण में सोमवार का भी विशेष महत्व है। यही वजह है कि सावन के सोमवार पर सभी शिवालयों में विशेष पूजा अर्चना और शिवलिंग का अभिषेक किया गया। वहीं श्रावण सोमवार का वृत उपवास कर श्रद्धालु विभिन्नाा धार्मिक स्थलों पर पहुंचें। इधर श्योपुर शहर के श्रीहजारेश्वर महादेव मंदिर, गुप्तेश्वर महादेव मंदिर कदवाल नदी, सोनेश्वर महादेव मंदिर सोनघटा किला बस्ती के मंदिरों पर सुबह 7 बजे से ही भक्तों का आना शुरू हो गया

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इन मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालु

शहर के श्री हजारेश्वर मंदिर, गिर्राजेश्वर महादेव, गुप्तेश्वर महादेव, नागेश्वर महादेव, भूतेश्वर महादेव मंदिरों के अलावा मानपुर के श्री मानेश्वर महादेव, रामेश्वर महादेव, बड़ौदा के चंद्रसागर महादेव मंदिर सहित जिलेभर के तमाम शिवालयों में बेलपत्र चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं की खूब भीड़ उमड़ी। सभी छोटे बड़े शिवालयों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शिव भक्तों ने तरह-तरह से महादेव को रिझाया। इस दौरान ऊं नमः शिवाय और हर हर महादेव के उद्घोषों से वातावरण गुंजायमान रहा।

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11 किलो गुलाब से महादेव का किया श्रृंगार

सावन में रोज बिल्वपत्र चढ़ा रहे श्रद्धालु भोलेनाथ को तरह तरह से श्रृंगार कर रिझा रहे हैं। शिवभक्तों ने किला स्थित गुप्तेश्वर महादेव को गुलाब के फूलों से श्रृंगार किया । सुबह 5 बजे से ही हर हर महादेव का उद्घोष शुरू हो गया। पंचामृत अभिषेक के बाद चंदन, अक्षत, पुष्प एवं बिल्वपत्र चढ़ाए। गुप्तेश्वर महादेव भक्त मंडल के अनुसार भोलेनाथ के श्रृंगार में 11 किलो गुलाब का प्रयोग किया । गुप्तेश्वर महादेव की स्थापना महाभारत काल में पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान कराई थी। शहर के हजारेश्वर मंदिर, गोबिंदेश्वर गिरांजेश्वर सोमेश्वर , महादेव मंदिर पर भी सावन में बिल्वपत्र चढ़ाने वाले भक्तों की चहलपहल से माहौल शिवमय रहा।

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