- 15 गांव के लोग रोजाना अमराल नदी के रपटे को पार कर शहर सहित व अन्य गांवों में जाते हैं मजदूरी करने।

देवेंद्र गौड़, सोंईकलां-श्योपुर। जंगल में शनिवार की रात हुई झमाझम बारिश से अमराल नदी उफान पर आने से सोंई से भीखापुर को जाेड़ने वाला रपटा पानी में डूब गया हैं। रपटे पर 3 फीट पानी बहने से 7 घंटे तक 15 गांवों का संर्पक शहर सहित सोंईकलां से कट गया। ऐसी स्थिति में इन गांवों के लाेगों को मजदूरी करने के लिए जान जोखिम में डालकर मजदूरी करने जाना पड़ा।

ज्ञात हो कि, शनिवार की सुबह से ही रिमझिम बारिश होना शुरू हो गई जो देर रात 7 बजे से 10 बत तक झमाझम बारिश हुई। जिससे जंगल का पानी सिमटकर अमराल नदी में आ गया। अमराल नदी में उफान आने से पुलिया पर 3 फीट तक पानी चढ़ गया। गिलास, भीखापुर, चकबमूल्या, सौभागपुरा, मल्होत्रा, रामबाड़ी, हनुमानखेड़ा, डाबली आदि गांव के लोग रोजाना मजदूरी करने के लिए शहर सहित, दूसरे गांवों में जाते हैं, रविवार को भी वह राेजाना की तरह मजदूरी करने जाने के लिए घर से निकले लेकिन रपटे पर पानी होने के वजह से वह घंटो तक पानी उतरने का इंतजार करते रहे, लेकिन जब पानी कम नहीं हुआ तो मजबूरी में जान जोखिम डालकर लाेगों को मजदूरी करने जाना पड़ा।

झंडा लेकर तीन फीट पानी से निकले पदयात्री

सोभागपुरा गांव से क्षेत्रपाल बाबा के दर्शनों के लिए रविवार की सुबह पदयात्रा रवाना हुई। पदयात्रा में श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे, लेकिन बीच में अमराल नदी पर पड़ने वाला रपटा उनकी यात्रा में बाधा बन गया। पदयात्री एक घंटे तक नदी किनारे बैठकर पानी कम होने का इंतजार करते रहे, लेकिन पानी कम नहीं हुआ तो पदयात्रियों को बहते पानी से निकलना पड़ा। पदयात्रा में शामिल महिलाओं व छोटे बच्चों को ट्रैक्टर-ट्राली में बैठाकर रपटा पार कराया। इसके बाद पदयात्रा आगे बढ़े।

Posted By: anil tomar

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