श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

लॉकडाउन उन गरीब मजदूरों के लिए आफत बन गया है जो मजदूरी के लिए जिले से बाहर गए हैं, या फिर दूसरी जगहों से श्योपुर में मजदूरी करने आए हैं। श्योपुर-कराहल के सैकड़ों मजदूर राजस्थान के विभिन्न शहरों में फंसे हुए हैं इन लोगों के पास ना तो रहने और ना ही खाने की कोई व्यवस्था है। ऐसे हालातों में कई गरीब पैदल ही सैकड़ों किमी का सफर करके घर लौटने लगे हैं।

हर साल फसल कटाई के लिए कराहल विकासखंड से सहरिया जनजाति के मजदूर राजस्थान के बारा, मांगरोल, जयपुर, कोटा इत्यादि शहरों और गांवों में पहुंचते हैं। प्रशासन को मजदूरों के राजस्थान में फसल कटाई के लिए पहुंचने की जानकारी तो है लेकिन, उन्हें वापस लाने की चिंता किसी को नहीं है। प्रशासन राजस्थान से वापस लौट रहे मजदूरों पर निगरानी रखने के लिए पंचायत सचिवों की ड्यूटी लगा दी है। पंचायत सचिव वापस लौट रहे इन मजदूरों की जानकारी प्रशासन को देकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण करा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि यह मजदूर बाहर से अपने साथ कोरोनावायरस लेकर तो नहीं आए। उधर राजस्थान पहुंचे मजदूरों की कोई खैर खबर प्रशासन नहीं ले रहा है। प्रशासन के पास कोई आंकड़ा नहीं है की कितने मजदूर फसल कटाई के लिए राजस्थान गए हुए हैं। वहां फंसे लोगों की मानें तो राजस्थान के विभिन्न गांवों में फसल कटाई को पहुंचे यह मजदूर खेतों में ही खुले मैदानों में डले हैं, इनके पास ना तो खाने का सामान है सिर पर छत है। ऐसे में कई परिवार भूखे मरने की हालत में आ गए हैं और पैदल ही चलकर श्योपुर की ओर लौटने लगे हैं।

राजवास में फंसे चाकसू विधायक ने की मदद

ढोढर खोजीपुरा से मजदूरी को गए 22 परिवार लोकडाउन होने के चलते फंस गए। वह जैसे तैसे राजवास तो पहुंच गए लेकिन, उन्हें वहां से श्योपुर जाने का साधन नही मिला इससे सभी मजदूर परिवार 22 मार्च से ही राजवास बस स्टैण्ड पर पड़े थे। बाद में जानकारी मिलने पर चाकसू विधायक ने इन मजदूरों के रहने और खाने की व्यवस्था की है लेकिन, राजस्थान के यह जनप्रतिनिधि चाहकर भी उक्त मजदूरों को अपने गांव नहीं भेज पा रहे हैं। सहरिया जनजाति के इन मजदूरों को अपने घर पहुंचाने की जिम्मेदारी विधायक सीताराम आदिवासी पर होना चाहिए, लेकिन विधायक सीताराम इस ओर कतई गंभीर नहीं।

इधर फंसे राजस्थान के कामगार

इधर राजस्थान के भीलवाड़ा बामडी गांव से धंधा करने आए कामगार बड़ी संख्या में फंसे हुए है। झाड़ू बनाकर बेचने का काम करने वाले इन लोगों ने विगत एक माह से जैदा गांव में डेरा डाला हुया है। बच्चे महिलाओं सहित 50 लोगों के इस परिवार के सामने लोकडाउन के चलते भूखे मरने की स्थिति निर्मित हो रही है।

फोटो :22, 23 कैप्शन : राजस्थान के चाकसू में फंसे श्योपुर के मजदूर।

श्योपुर के जैदा में रह रहे बाहर से आए झाडू बेचने वाले गरीब परिवार।

Posted By: Nai Dunia News Network

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