श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

राजस्थानी संस्कृति के रचे-बसे श्योपुर में गणगौर पर्व बड़े ही उल्लास के साथ मनाया जाता है, लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन के कारण महिलाओं को घरों पर ही गणगौर का पूजन करना पड़ेगा। इसके अलावा गणगौर पर लगने वाला मेला, सहित महिलाओं द्वारा आयोजित किए जाने अन्य कार्यक्रम भी निरस्त कर दिए गए हैं।

शहर सहित अंचल भर में चैत्र शुक्ल तृतीया पर गणगौर पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस अवसर पर अखंड सुहाग और इच्छित वर की कामना को लेकर महिला और युवतियां गणगौर पूजन करेंगी। गणगौर पूजन के लिए गुरूवार को महिलाओं ने बेसन, आटा व मैदा के नमकीन व मीठे गुणें बनाए। गणगौर पर्व को लेकर महिलाओं द्वारा कई दिनों से तैयारियां की जा रही हैं, जिन्हें लॉकडाउन ने फीका कर दिया है। हर वर्ष महिलाए शहर के हजारेश्वर मंदिर, पारखजी का बाग, गीता भवन, गरोड़्‌या हनुमान मंदिर, खुलखुली माता मंदिर पर सुबह सजधज कर सामूहिक रूप से पारंपरिक रूप से गीत गाते हुए गणगौर पूजन करती थी। इसके बाद शाम को समय गणगौर को पानी पिलाने के दौरान बाग बगीचों और गणगौर पूजन स्थलों पर देर रात तक महिलाएं नाच गान करती थी। इस बार यह त्योहार घर पर ही मनेगा।

टूटी कई सालों की परंपरा, इस बार नहीं लगेगा मेला

श्योपुर में गणगौर पर मेला लगने की परंपरा 400 साल पुरानी है। सिंधिया रियासत द्वारा गणगौर की सवारी निकाली जाती थी, लेकिन बाद में मोहल्ला समितियों द्वारा गणगौर की सवारी निकाली जाने लगी, इसके तहत पूरी पाड़ा, चौपड़ आदि की गणगौर पहले दिन मोहल्ले में बैठती है और दूसरे व तीसरे दिन सवारी निकलती है। मेले में विभिन्न स्वांग आयोजित किए जाते हैं लेकिन, इस बार कोरोनावायरस के कारण यह परंपरा टूट गई है और गणगौर कोई मेला या आयोजन नहीं किया जाएगा। इसके अलावा बड़ौदा और मानपुर में गणगौर पर मेला नहीं लगेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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