- दिनभर चक्कर काटने के बाद एक महिला वापस घर लौट आई, जबकि दूसरी महिला ने विजयपुर जाकर इंजेक्शन लगवाया।

वीरपुर। नईदुनिया न्यूज

वीरपुर व दुबावली गांव में दो महिलाओं को बंदर ने काट लिया, ये महिलाएं एंटी रेवीज इंजेक्शन लगवाने के लिए दिनभर वीरपुर अस्पताल में चक्कर काटती रहीं, लेकिन अस्पताल में इंजेक्शन नहीं होने के कारण उन्हें विजयपुर अस्पताल जाना पड़ा। वीरपुर अस्पताल में कई महीनों से रेवीज इंजेक्शन नहीं होने के कारण मरीजों को इलाज के लिए 100 से 150 किमी दूर दूसरे अस्पतालों में पहुंचना पड़ रहा हैं।

जानकारी के अनुसार वीरपुर निवासी उर्मिला पत्नी बंटी शिवहरे व रामपति पत्नी हजारीलाल जाटव निवासी दुबावली को बंदर ने काट लिया था। बंदर के हमले में दो ही महिलाएं घायल हो गए। जिन्हें परिजन इंजेक्शन लगवाने के लिए वीरपुर अस्पताल ले गए, लेकिन वहां रेबीज इंजेक्शन नहीं मिल सके। घायल महिला के पति हजारी लाल जाटव ने बताया कि उसकी पत्नी रामपति को 24 फरवरी को बंदर ने पैर में काटा था, जिससे गहरा घाव हो गया। पहले वह इंजेक्शन लगाने के लिए रघुनाथपुर स्वास्थ्य केन्द्र पर गया, लेकिन वहां इंजेक्शन नहीं होने के कारण डॉक्टर ने वीरपुर जाने के लिए कहा, जब वह वीरपुर गया तो वहां भी डॉक्टर ने इंजेक्शन नहीं की बात कहते हुए विजयपुर जाने के लिए कह दिया। उर्मिला को बुधवार को उत्पाती बंदर ने कमर में काट लिया जिससे व जख्मी हो गई। सुबह 12 बजे जब पत्नी को अस्पताल लेकर पहुंचा तो कोई एक भी डॉक्टर अस्पताल में नही मिले। एएनएम व अस्पताल का स्टॉफ मौजूद था, लेकिन उन्होंने कोई संतुष्टजनक जवाब नहीं दिया। वीरपुर में इंजेक्शन नहीं मिलने के कारण मुझे मेरी पत्नी को वापस ही घर लेकर आना पड़ा। मरीजों का कहना है कि, वीरपुर अस्पताल में डॉक्टर कभी कबार बैठते हैं, अस्पताल में आने वाले मरीजों काफी परेशानियों का सामना पड़ा रहा है।

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कैप्शनः इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल के बाहर पति के साथ बैठी महिला।

Posted By: Nai Dunia News Network