- चिंताहरण हनुमान मंदिर पर चल रही श्रीराम कथा में अंतिम दिन उमड़ी भक्तों की भीड़।

श्योपुर। नईदुनिया न्यूज

वार्ड क्रं. 10 नागदा रोड स्थित चिंताहरण हनुमान मंदिर पर चल रही श्रीराम कथा में सातवें दिन बुधवार को राम लक्षमण, सबरी संवाद का प्रसंग सुनाया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। कथा का आयोजन गुड्डी बाईं, रामकन्या, पिस्ता बाईं, सुमित्रा बाईं एवं महिला मित्र मण्डल द्वारा कराया जा रहा है।

कथा में कथा वाचक बाल साध्वी राधा और सरस्वती ने कहा कि, जब व्यक्ति के मन में राम का नाम हो तो व्यक्ति कभी दुखी नहीं हो सकता। हर समय हृदय में राम नाम का जाप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि, शबरी संवाद रामायण में भगवान श्री राम के वनवास के समय हुआ। शबरी को श्रीराम के प्रमुख भक्तों में गिना जाता है। अपनी वृद्धावस्था में शबरी हमेशा श्रीराम के आने की प्रतीक्षा करती रहती थीं कि प्रभु श्री राम उसकी कुटिया में आएंगे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए वह अपनी कुटिया को सदैव साफ-सुथरा रखा करती थीं। प्रभु आएंगे की वाणी सदा उसकी कानों में गूंजा करती थी। सीता की खोज करते हुए राम व लक्ष्मण शबरी की कुटिया में पहुंच गए। शबरी ने यह सोचकर कि बेर खट्टे व कड़वे तो नहीं हैं, इसलिए पहले स्वयं चखे और मीठे होने पर ही भगवान राम और लक्ष्मण को खाने को देतीं। शबरी की इस सच्ची भक्ति, निष्ठा से राम ने उसे स्वर्ग प्राप्ति का वरदान दिया। शबरी संवाद पर राम, लक्ष्मण, सबरी के पात्रों की झांकी का मंचन किया गया। कथा के दौरान भजन मुझे चढ़ गया राधा रंग-रंग भजन की प्रस्तुति हुई। श्रद्धालुओं ने झूमते हुए पुष्प वर्षा की। कथा के अंतिम दिन बड़ी संख्या में महिला-पुरूष कथा श्रवण करने पहुंचे।

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कैप्शनः राम, लक्ष्मण, शबरी के पात्रों की सजी झांकी।

कथा करते श्रोता।

Posted By: Nai Dunia News Network