श्योपुर। फीस के अभाव में कोई भी निजी स्कूल किसी भी बच्चे को वार्षिक परीक्षा से वंचित नहीं कर सकता। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली ने यह आदेश सभी जिलों के कलेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी को जारी किए हैं। निर्देष में कहा गया कि निजी स्कूलों द्वारा फीस न जमा करने के कारण प्रताडित किए जाने के प्रकरण सामने आए हैं। बच्चों की फीस समय पर प्राप्त न होने का मुददा स्कूल प्रबंधन तथा अभिभावकों से संबंधित है। यह एक वित्तीय विषय है, इसलिए इसका समाधान अभिभावक से ही चर्चा कर की जानी चाहिए। इसमें स्कूल में पढ़ रहे बच्चे का कोई दोष नहीं और मात्र फीस के लिए बच्चे के पूरे साल को दाव पर नहीं लगाया जा सकता, यदि किसी अशासकीय स्कूल द्वारा उक्त निर्देशों का उल्लघंन किया जाता है तो उसके निरूद्ध नियामानुसार वैद्यानिक कार्यवाही ही जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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