- लॉकडाउन में इंदौर से आया बेटा, जिसकी तबियत खराब होने पर किसी को नहीं बताया, घर के तीन सदस्य ग्वालियर में साथ, बाकी 7 को श्योपुर में क्वारंटाइन किया गया।

- श्योपुर शहर में 10 अप्रैल तक कर्फ्यू लगाया, कोरोना संक्रमित के आसपास 3 किमी के एरिया के हर घर के सदस्य की होगी जांच, यह शहर का एक तिहाई हिस्सा।

श्योपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

ग्वालियर, मुरैना और शिवपुरी के बाद श्योपुर जिले में भी कोरोना महामारी ने दस्तक दे दी। यहां झोलाछाप डॉक्टर कोरोना संक्रमित पाया गया है। कोरोना संक्रमित की हालत बेहद नाजुक हैं, जिसे सोमवार को ही ग्वालियर मेडिकल कॉलेज रैफर कर दिया गया है। कोरोना की पुष्टि होते ही कलेक्टर प्रतिभा पाल ने श्योपुर शहर में कर्फ्यू लगा दिया है। कोरोना संक्रमित व्यक्ति के परिवार के कुल 11 लोगों को ग्वालियर व श्योपुर में क्वारंटाइन कर दिया गया है। संपर्क में आए डॉक्टर-नर्स भी घबराए हुए हैं।

श्योपुर के बंजारा डैम, हसनपुर हवेली क्षेत्र में रहने वाले अब्दुल रसीद (53) पुत्र घटी मोहम्मद को कोरोना की पुष्टि हुई है। अब्दुल रसीद मूलरूप से बड़ौदा तहसील के बागल्दा गांव का रहने वाला है, लेकिन कुछ साल पहले आकर श्योपुर में बस गया और यहां झोलाछाप डॉक्टरी करने लगा। वह अपने घर के अलावा कई आदिवासी गांवों में जाकर इंसानों से लेकर मवेशियों तक का इलाज करता था। 4 अप्रैल को इसकी तबियत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीमारी के लक्षण देखकर डॉक्टरों ने कोरोना के लिए बने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया और 5 अप्रैल को जांच के लिए सैंपल भेजे। सोमवार को रसीद की तबियत ज्यादा बिगड़ी तो उसे जिला अस्पताल से ग्वालियर मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया, इसके बाद मंगलवार की दोपहर 1 बजे के करीब ग्वालियर से रिपोर्ट आई जिसमें अब्दुल रसीद को कोरोना पॉजीटिव बताया गया है। इस घटना ने पूरे प्रशासन को हिला दिया और जिला अस्पताल के उन डॉक्टर-नर्सों के भी होश उड़े हुए हैं तो कोरोना संक्रमित के संपर्क में आए थे। यह सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हडकंप मच गया और जिला अस्पताल के वह डॉक्टर, नर्स व वार्डबॉय डरे हुए हैं जो कोरोना संक्रमित झोलाछाप डॉक्टर के संपर्क में आए हैं।

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इंदौर से लौटे बेटे से संक्रमित होने की संभावना

स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को अब तक ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली, जिसके कोरोना महामारी के दौरान अब्दुल रसीद के किसी दूसरे शहर या जमात में जाने की पुष्टि होती हो। लॉकडाउन के दौरान 27 मार्च को अब्दुल रसीद का 19 वर्षीय बेटा सूफियान इंदौर से चोरी छिपे श्योपुर आया है। बताया गया है कि सूफियान की भी तबियत बिगड़ी उसे, खांसी, जुकाम व बुखार हुआ फिर भी उसकी जानकारी परिजनों ने प्रशासन से छिपाई और झोलाछाप डॉक्टर पिता ने खुद ही इसका इलाज करने लगा। इस दौरान सूफियान की तबियत तो ज्यादा नहीं बिगड़ी लेकिन, उसके पिता अब्दुल रसीद कोरोना संक्रमित हो गए। बताया गया है अब्दुल रसीद टीवी, अस्थमा के अलावा ब्लड प्रेशर का मरीज है, इसलिए कोरोना संक्रमण में उसे सांस लेने से लेकर अन्य कई तकलीफे इतनी बढ़ गईं कि, जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज से हाथ खड़े करते हुए रैफर कर दिया। रब्दुल रसीद के साथ बेटा सूफियान, पत्नी नसीबा और दामाद अहसान ग्वालियर गए हैं, जिन्हें ग्वालियर में ही क्वारंटाइन किया गया है। इधर कोरोना पॉजीटिव की रिपोर्ट आते ही प्रशासन ने रसीद के घर को सील्ड कर 7 परिजनों को ढेंगदा स्थित आइसोलेशन सेंटर में क्वारंटाइन कर दिया है।

चिंता इसलिए कि, बस्ती के कई घरों को करता है पानी सप्लाई

अब्दुल रसीद के कोरोना पॉजीटिव होने के बाद बंजारा डैम ही नहीं आसपास की गई बस्तियों में हडकंप सा मचा हुआ है। लोग डरे हुए हैं। इसकी गई वजह हैं। पहली वजह यह है कि अब्दुल रसीद के घर के बोर से बस्ती के कई परिवारों को पानी सप्लाई होता है। दूसरा कारण यह है कि लॉकडाउन में घर पर रहने के दौरान अब्दुल रसीद ने कई लोगों की नब्ज टटोलकर उनका इलाज भी किया है। इसका सलमान धुलाई सेंटर के नाम से धुलाई सेंटर भी है, स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार की शाम तक धुलाई सेंटर पर कम्पाइन व अन्य वाहनों की धुलाई होती रही है। सबसे खतरनाक बात यह है कि अब्दुल रसीद, उसके बेटे और परिवार के अन्य सदस्यों का इस बीच कई लोगों से संपर्क हुआ है, इसमें तीन टीवी चैनलों के पत्रकार भी बताए जा रहे हैं जो, अस्पताल में भी हालचाल जानने लगातार जाते रहे हैं।

तीन डॉक्टर, चार नर्स आए संपर्क में हुए क्वारंटाइन

जिला अस्पताल में तीन दिन तक भर्ती रहे अब्दुल रसीद का इलाज और कोरोना जांच के सेंपल लेने के लिए उसके संपर्क में सिविल सर्जन से लेकर दो अन्य डॉक्टर और चार नर्स व कुछ वार्डबॉय भी आए हैं। जैसे ही रसीद के कोरोना संक्रमण की जानकारी मिली तो इन डॉक्टर और नर्सो को भी क्वारंटाइन करने का निर्णय लिया गया। अस्पताल के स्टाफ के लिए जिला अस्पताल के पास ही होलट सावरियां को अधिग्रहित किया गया है। इसके अलावा राजस्व विभाग के कर्मचारियों के लिए होटल पाम व सेल्टर को अधिग्रहित किया गया है। उधर पुलिस प्रशासन ने अपने ही सामुदायिक भवन में 10 बिस्तर का आइसोलेशन वार्ड बना लिया है।

अभी भी बन रहे भीड़, इससे अब तो बचिए (फोटो :01)

यह नजारा मंगलवार की सुबह विजयपुर कस्बे की सब्जी मंडी में दिखा। वैसे तो प्रशासन ने सब्जी मंडी बंद करा रखी हैं, लेकिन जिन लोगों को मोहल्ले-मोहल्ले जाकर सब्जी बेचने के पास दिए हैं, वह सब्जी बेचने जा ही नहीं रहे। इसीलिए लोगों को थोक सब्जी विक्रेताओं के यहां जाना पड़ा रहा है, लेकिन इस दौरान लोग सुरक्षति शारीरिक दूरी का ध्यान कतई नहीं रख रहे हैं। सब्जी मंडी की एक दुकान पर 20 से 25 लोग एक दूसरे से चिपककर खड़े रहे। लोग अभी भी नहीं समझ रहे हैं कि कोरोना जिस तरह से पांव पसार रहा है, उस हिसाब से ऐसी लापरवाही पूरे समाज के लिए खतरा साबित हो सकती है।

फोटो : 01

कैप्शन : सब्जी मंडी में दुकान पर उमड़ी भीड़।

मुरैना कोरोना संक्रमितों से मिलने वालों की विजयपुर में तलाश

विजयपुर के पड़ोसी मुरैना जिले में कोरोना के 12 मरीज सामने आ चुके हैं। मुरैना में यह बीमारी दुबई से आए एक युवक ने तब फैला दी जब उसने अपनी मां की मृत्यु का भोज दिया था। विजयपुर प्रशासन को संदेह है कि मुरैना में हुए इस आयोजन में विजयपुर के भी कुछ लोग भी शामिल हुए हैं, इसलिए स्थानीय मंगलवार को इस पड़ताल में जुटा रहा, लेकिन अभी तक ऐसा कोई व्यक्ति सामने नहीं आया। जिन लोगों पर संदेह है उन्होंने मुरैना जाने की बात से इंकार किया।

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आयुर्वेदिक चूर्ण फकाया, काढ़ा पिलाया (फोटो :02)

कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए आयुष विभाग भी शहर से लेकर गांव-गांव में सेवाएं दे रहा है। आयुर्वेदिक विभाग द्वारा लोगों को ऐसी दवाएं दी जा रही हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। साथ ही कोरोना से बचने के लिए घरों में रहने और मास्क व हाथ धोने जैसी सलाह भी दी जा रही है। शहरी क्षेत्र में आयुष विंग के जिला नोडल अधिकारी डॉ. जीपी वर्मा, कंपाउंडर रामलखन नागर व श्यामसुंदर धाकड़ के साथ कॉलोनी-मोहल्लों में जाकर लोगों का आयुर्वेदिक औषधियां का वितरण कर रहे हैं। लोगों को आयुर्वेदिक काढ़ा पिलाया जा रहा है जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ातरी होती है। उधर सोंईकलां क्षेत्र में दवासाज संतोष पचौरी घर-घर जाकर लोगों को आयुर्वेदिक त्रिफला चूर्ण खिला रहे हैं। इस चूर्ण शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

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कैप्शन : सोंई में महिला को आयुर्वेदिक चूर्ण देते दवासाज।

फोटो : कैप्शन

03 : बंजारा डैम हसनपुर हवेली में निरीक्षण करते और मुनादी करवाते अफसर।

04 : कोरोना संक्रमित का घर व धुलाई सेंटर सील्ड कर सभी परिजनों को क्वारंटाइन कर दिया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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